
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की कलम से जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां भंडारी हॉस्पिटल पर लगे आरोपों ने अब नया मोड़ ले लिया है। नपुंसकता के इलाज के नाम पर पहले से विवादों में घिरे इस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, डॉ. चिराग भंडारी के असिस्टेंट पर अवैध इंजेक्शन बनाने और विदेशों में भेजने के आरोप के बाद अब खुद डॉ. चिराग पर भी अवैध प्रैक्टिस के आरोप सामने आए हैं। राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक उनका रजिस्ट्रेशन एमबीबीएस एम्स के रूप में है, जबकि अस्पताल की वेबसाइट पर उन्हें एंड्रोलॉजी विशेषज्ञ बताया गया है।
मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार का कहना है कि दूसरे विषय में प्रैक्टिस करना नियमों केखिलाफ है। वहीं डॉ. चिराग का पक्ष है कि एमएस के बाद अलग से रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती। जयपुर में इस मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है और स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।



















