November 2, 2026 8:59 am

Category: मनोरंजन

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बॉलीवुड इंडस्ट्री इस समय पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के सपोर्ट में खड़ी नजर आ रही है। इसी के साथ ही मीका सिंह ने अपने भाई के साथ हुए अपमान पर गुस्सा नजर है। इसी बीच वेटरन फोल्क सिंगर- एक्ट्रेस इला अरुण ने भी दलेर के सपोर्ट में सामने आई है और इवेंट ऑर्गनाइजर्स को जमकर फटकार लगाई है।

राजश्री शांताराम ने एक समय अपनी मासूम मुस्कान और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। 1960 के दशक में, वह शम्मी कपूर के साथ ब्रह्मचारी (1968) में दिखाई दीं, जिन्हें “दिल के झरोखे में” जैसे गानों के लिए याद किया जाता है। फिल्ममेकर वी. शांताराम और एक्ट्रेस जयश्री की बेटी, उन्होंने गीत गाया पत्थरों ने, जानवर और अराउंड द वर्ल्ड में भी काम किया।

मनोमैथुन एक ऐसी मानसिक अवस्था है जिसमें व्यक्ति अपने मन में बार-बार कामुक कल्पनाएँ करता है और उन्हीं कल्पनाओं में डूबा रहता है। यह केवल शारीरिक हस्तमैथुन तक सीमित नहीं होता, बल्कि मन में लगातार यौन विचारों का चलना भी मनोमैथुन कहलाता है। यह स्थिति कई बार इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति का ध्यान पढ़ाई, काम, परिवार और द

ये पीली साड़ी वाली जितनी सुंदर है उतने ही काले कारनामे है इसके…! इसका नाम सरिता यादव है जो सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में काम करती थी! और इसको कम समय में अमीर बनने का शौक था…! इसी लिए इसने एक अमीर घर के लड़के को निशाना बनाया,

धुरंधर के क्लाइमैक्स में मेजर इक़बाल हमज़ा का मुँह चेन से बाँधने के बाद कहता है कि हिन्दुस्तान के हर मर्द का खतना कर देगा। उसको सड़क पे भीख मँगवाएगा, उससे कलमा पढ़वायेगा। औरतों को मुरीदके बाज़ार में तोल के भाव बेचेगा।

मनुष्य का सबसे बड़ा बंधन लोहे की जंजीरें नहीं, बल्कि उसके भीतर बैठे हुए भ्रम, भय और सामाजिक धारणाएँ होती हैं। यही कारण है कि अनेक लोग बाहर से स्वतंत्र दिखाई देते हैं, पर भीतर से पूरी तरह कैद होते है

बुढ़ापा कितना खराब होता है उसका अंदाज़ा इन्हें देखकर लगाइए। करोड़पति थी ये। मगर ज़िंदगी के आखिरी सालों में एकदम तन्हा, एकदम अकेली। दूसरों पर निर्भर। जिस फ़िल्म इंडस्ट्री में सालों गुज़ार दिए, वहीं से आखिरी वक्त पर कोई पूछने नहीं आया।