
राश्मि शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका से जुड़े मामले में नया मोड़ आया है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जंतर-मंतर पर कथित अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। इसी बीच विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी है।
दरअसल, जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका पर वहां कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने का आरोप लगा था। बताया गया कि दोनों एक बंद गेट फांदकर अंदर दाखिल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। 13 अक्टूबर को दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
अब मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद दोनों नेताओं की कानूनी मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच मामले में आगे की जांच कर सकती है और जरूरत पड़ने पर दोनों से पूछताछ भी की जा सकती है। हालांकि, जांच के अगले कदम को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने हिरासत दो दिन और बढ़ाने का फैसला सुनाया।
दोनों नेताओं के वकील अभिक चिमनी के मुताबिक, पुलिस ने अदालत में दलील दी कि सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई से सार्वजनिक व्यवस्था और शांति प्रभावित हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत बताई।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, हिरासत बढ़ाते समय विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा कि दोनों नेताओं ने कथित तौर पर अपनी बॉन्ड शर्तों का उल्लंघन किया और जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद वहां विरोध प्रदर्शन किया। अदालत ने उनके व्यवहार को कानून के प्रति अनादर से जोड़ते हुए भविष्य में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई।
वहीं, CJP ने अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए कानूनी सलाह लेने की बात कही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्राइम ब्रांच जांच में क्या कदम उठाती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।



















