
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने अपने आवासीय पते और निजी जानकारी कथित तौर पर सार्वजनिक किए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। दास ने अदालत से अपनी निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा करने की गुहार लगाई है।
दास की ओर से दायर मुकदमे में टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा समेत कई लोगों और डिजिटल एवं मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पक्षकार बनाया गया है। इनमें पैम्फलेट, लॉ बीट, संडे गार्जियन और जयपुर डायलॉग्स के अलावा गूगल एलएलसी और एक्स कॉर्प को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिका में दास ने आरोप लगाया है कि उनके आवासीय पते और अन्य निजी एवं संवेदनशील जानकारियों को अलग-अलग माध्यमों से सार्वजनिक और प्रसारित किया गया। उनका दावा है कि इससे उनकी निजता के साथ-साथ उनके और घर में रहने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पैदा हुआ है।
दास ने यह भी आरोप लगाया है कि पैम्फलेट से जुड़े लोगों ने उस आवासीय परिसर में प्रवेश किया जहां वह रहते हैं और वहां के कुछ हिस्सों तथा घर के अंदर की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए। उनके मुताबिक, इन दृश्यों को बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
याचिका में दास ने दावा किया है कि उनके बारे में निजी जानकारी पहले भी सार्वजनिक की गई और उनके आवासीय पते को बार-बार सामने लाने से उनके घर के आसपास लोगों के पहुंचने तथा संभावित सुरक्षा खतरे की आशंका बढ़ गई है।
यह विवाद अगस्त की शुरुआत में सामने आया था। उस समय दास ने दिल्ली पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया से जुड़े लोग उनकी गैरमौजूदगी में उनके घर में घुसे, घर के अंदर की रिकॉर्डिंग की और उनका पता सोशल मीडिया पर साझा किया। दिल्ली पुलिस ने उस समय उनके घर के आसपास सुरक्षा निगरानी भी बढ़ाई थी।
दास ने अपनी नई याचिका में अदालत से निजी जानकारी के आगे प्रकाशन और प्रसार पर रोक लगाने के साथ ही अपनी निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। उन्होंने कथित निजता उल्लंघन के लिए हर्जाने की मांग भी की है।
दूसरी ओर, याचिका में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों की ओर से स्वीकार किया गया है या नहीं, यह अलग कानूनी प्रश्न है। फिलहाल अदालत में मामला दास की ओर से लगाए गए आरोपों और मांगी गई राहत से जुड़ा है। इसलिए इन आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।


















