
आरती ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
दिल्ली के जैतपुर में SBI की इस मिनी ब्रांच में एक युवक ₹1,100 निकालने पहुँचा, जिसे उसे नकद दे दिया गया। इसके बाद उसके खाते से ₹7,000 के फिर से ट्रांजैक्शन हुए। जब युवक अपने ₹7,000 माँगने पहुँचा, तो मिनी ब्रांच का ये मैनेजर ने कहा कि पैसा अभी पेंडिंग है या ट्रांजैक्शन फेल हो गया है। युवक बड़े SBI ब्रांच में जानकारी लेने पहुँचा, जहाँ उसे बताया गया कि ट्रांजैक्शन सफल हो चुका है और पैसा खाते में जा चुका है। इसके बावजूद उसे पैसे नहीं मिले। ये मैनेजर का कहना है कि खाते में अभी तक पैसा नहीं आया है, जब मीडिया कर्मी इस मामले की जानकारी लेने पहुँचे, तो मैनेजर ने उनके साथ बदतमीजी की, धक्का देकर बाहर निकाला और कैमरा तोड़ने की धमकी दी। आखिर ग्राहक के पैसे का हिसाब कौन देगा और मीडिया के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया?


















