
राश्मि शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
अगर आप भी किसी #सर्विस_एप के माध्यम से #मेड बुलाते हैं ये खबर आपके लिये है…
कुछ अरसा पहले एक दोस्त ने, जो रोहिणी शिफ्ट हो चुकी हैं, हम सबको लंच पर आमंत्रित किया। वहाँ उन्होंने हमारे ग्रुप के साथ अपने कॉलेज के ग्रुप को भी इनवाइट किया हुआ था। खाने का बहुत बढ़िया प्रबंध था।
स्टार्टर से लेकर मेन कोर्स और डेजर्ट तक सब बहुत शानदार। उन्होंने बताया कि अब इतने लोग हो गए तो उन्होंने एक एप के माध्यम से कुक को बुलाया था। एक प्रोफेशनल कुक और हेल्पर की मदद से तयशुदा समय में ये सारा खाना झटपट उनके निर्देशानुसार तैयार हो गया।
हम लोग सचमुच उनकी कार्य कुशलता से बहुत प्रभावित हुए।
देखते ही देखते सारी महिलाओं ने झटपट ऐप की डिटेल लेकर अपने फोन में गूगल करना शुरू कर दिया। कुछ लोग तो कुक से निजी कांटेक्ट नम्बर भी मांगने लगीं।
2020 के लॉकडाउन के बाद से हमारे आसपास की दुनिया तेज़ी से बदली है। इससे पहले सब्ज़ी, किराना, स्टेशनरी, दवाइयों आदि को लेकर हम लोग खासी सतर्कता बरतते थे। किराने की कुछ दुकानें अपने रेगुलर ग्राहकों को महीने के राशन की घर पर डिलीवरी देती थी पर किराने और खाने की होम डिलीवरी का कांसेप्ट भी बहुत सीमित तौर पर और सीमित दूरी के लिये ही एप्लिकेबल था।
अब चीजें बहुत बदल गई है। दुनिया भर की सुविधाएं आपके बित्ते भर के फोन में समा गई हैं। घर में अगर आपकी सहायिका नहीं आयी तो आपके पास कई ऐप्स से घण्टे दो घण्टे या अपनी सुविधानुसार मेड या कुक या डीप क्लीनिंग या अन्य कार्यों के लिये अंशकालिक हेल्प बुलाने का विकल्प भी मौजूद है। कामकाजी महिलाओं की जिम्मेदारी बांटने में परिवार की भूमिका अभी भी अपेक्षा के अनुसार सकारात्मक नहीं हो पाई है लेकिन इन ऐप्स के जरिये चीजें आसान होने लगी हैं।
लेकिन अगर आप दिल्ली- एनसीआर में रहते हैं तो सर्विस ऐप से मेड बुलाने से पहले यह खबर पढ़ लें।
दिल्ली के द्वारका में हुई यह घटना उन सब लोगों को सावधान करने वाली है जो लोग आजकल सर्विस ऐप का इस्तेमाल कर घर में अनजान लोगों को सफाई या अन्य कामों के लिए बुला लेते हैं।
दिल्ली के द्वारका में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जहां एक सर्विस ऐप से घर की सफाई के लिए मेड को बुलाना एक परिवार को बहुत भारी पड़ गया। मेड ने सफाई करने के बाद घर में उस वक्त मौजूद 55 साल के एक शख्स पर रे प का आरोप लगा कर पु लिस को कॉल कर दिया।
इसके बाद पूजा गिरी नाम की इस महिला ने ब्लैक मेलइंग का खेल शुरू किया और पु लिस में शिकायत ना करने की एवज में उस शख्स के बेटे से 5 लाख रुपए की डिमांड की।
पीड़ित के बेटे को समझ आ गया कि ये मामला शराफत से तो नहीं निपटने वाला। लिहाजा शठे शाठयम के सिद्धान्त पर अमल करते हुए उन्होंने युक्ति आजमाई और उन्होंने पूजा गिरी के पैसे मांगते हुए और उसको पैसे देते हुए की वीडियो बना ली और पु लि स को भी इस बारे में जानकारी दे दी।
जब पुलिस ने गहन जांच की तो पता लगा इस महिला ने झूठी कॉल पु लिस को की थी और उसका मकसद तो सिर्फ उस शख्स को ब्लैक मेल करने का था।
ये मामला मंगलवार 30 जून का है और पुलिस ने बुधवार को इस मेड को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला पूजा गिरी कापसहेड़ा की रहने वाली है। वह गुरुग्राम स्थित एक कंपनी से जुड़ी हुई है, जो ऑनलाइन ऐप के जरिए घरों में सफाई की सेवाएं प्रदान करती है।
मंगलवार दोपहर करीब 12:10 बजे पूजा को ऐप के जरिए द्वारका के ‘चित्रकूट अपार्टमेंट’ में रहने वाले शख्स के घर सफाई का काम अलॉट हुआ था। पीड़ित गुरुग्राम के प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और उस वक्त घर पर अकेले थे।
पूजा गिरी ने उन बुजुर्ग के बेटे को भी धम की दी थी।
इस दिन जब पूजा ने घर की सफाई की और जैसे ही काम खत्म हुआ, उसने उन्हें अकेले देखकर एक खौफ नाक प्लान रचा।
उसने तुरंत पुलिस हेल्पलाइन (112) पर कॉल करके आरोप लगाया कि जब वह काम खत्म करके जाने लगी, तो शख्स ने पीछे से आकर उसे दबो च लिया और उसके साथ रे प किया।
इसके बाद उसने पीड़ित के बेटे से भी संपर्क किया और धमकी दी कि अगर उसने तुरंत 5 लाख रुपये नहीं दिए, तो वह पु लिस में शिकायत दर्ज कराकर पूरे परिवार को जे ल भिजवा देगी और समाज में उनकी बदनामी कर देगी।
लेकिन पीड़ित के बेटे को भरोसा था कि वह महिला झूठ बोल रही है। उन्होंने बेहद सूझबूझ से काम लिया। उसने पूजा गिरी को पैसे देने के बहाने एक जगह बुलाया। जब पूजा डील के तहत आंशिक रकम के रूप में 2 लाख रुपये ले रही थी, तब पीड़ित के बेटे ने पैसे मांगने और उसे लेने का पूरा वीडियो अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (मोबाइल) में चुपके से रिकॉर्ड कर लिया।
फिर उसने तुरंत पु लिस को इस ब्लैक मेलिंग की जानकारी दी। द्वारका सेक्टर-23 पुलिस ने जब मामले की गहन जांच की तो साफ हो गया कि महिला की पीसीआर कॉल पूरी तरह झूठी थी। उसे पु लिस से कुछ मदद नहीं चाहिये थी और उसका एकमात्र मकसद तो उस परिवार को डराकर मोटी रकम वसूलना था।
पुलि स की जांच में ये बात सामने आ गई कि ये महिला पहले भी इस घर में सफाई के लिए आ चुकी थी। फिलहाल इस महिला को कोर्ट ने ज्यूडिशल कस्टडी में भेज दिया गया है। उसके पास से ब्लैक मेलिंग के 2 लाख रुपये भी रिकवर किए गए।
दुख की बात ये है कि ऐसी घटनाओं से लोगों का विश्वास हिल जाता है और जेन्युइन लोगों की विश्वसनीयता भी दांव पर लग जाती है। जाहिर है लोगों के सतर्कता बरतने के साथ सर्विस ऐप पर भी सवाल उठते हैं कि वे जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करते हैं।



















