
*कतर में गैस प्लांट पर ड्रोन हमले के कारण सप्लाई चेन टूटी हुई है! कतर में गैस प्लांट पर ड्रोन हमले के कारण सप्लाई चेन टूटी हुई है!*
*मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत को गैस सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश कतर अपने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) प्लांट का उत्पादन रोक चुका है!*
*इससे भारत आने वाले जहाजों की आवाजाही रुक गई है और घरेलू बाजार में गैस की सप्लाई में 40% तक की बड़ी कटौती की गई है। भारत अपनी जरूरत की 40% एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) यानी करीब 2.7 करोड़ टन सालाना कतर से ही आयात करता है!*
*विदेश से आने वाली एलएनजी को गैस में बदलकर ही सीएनजी और पीएनजी सप्लाई की जाती है। इसकी सप्लाई रुकने से सिटी गैस कंपनियों (CGD) ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ सकते हैं!*
*भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिससे होकर कतर और यूएई जैसे देश अपना तेल और गैस निर्यात करते हैं। ईरान और इजरायल जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रह गया है!*
*भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। पेट्रोनेट के तीन बड़े जहाज-दिशा, राही और असीम-फिलहाल कतर के रास लफान पोर्ट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं!!*


















