
अतुल ब्यूरो चीफ….वेस्टइंडीज के खिलाफ जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीता तो वीरेंद्र सहवाग कहते हुए सुने गए कि आधा मैच तो टॉस जीतकर ही भारतीय टीम ने जीत लिया है। अब सवाल यह है कि क्या टी20आई मैच भी टॉस पर निर्भर होने लगे हैं?
अगर ऐसा ही है जैसा वीरेंद्र सहवाग कह रहे हैं तो यकीन मानिए टॉस कोई भी जीत सकता है और वानखेडे स्टेडियम की पिच पर अगर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस हार गए तो वीरेंद्र सहवाग के ही अनुसार आधा मैच तो टॉस हारते ही टीम इंडिया हार जाएगी।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर टॉस पर इतनी निर्भरता क्यों नजर आती है? टॉस का महत्व किसी भी मुकाबले में होता ही है और वीरेंद्र सहवाग बिल्कुल सही कह रहे हैं। अगर रात के समय मैच हो रहे हैं तो टॉस बड़ा महत्व रखता है। बाद में ओस बहुत फर्क डालती है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तो किसी तरह टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत गई लेकिन सेमीफाइनल मुकाबले में अगर इंग्लैंड के खिलाफ टॉस जीतते हैं तो पहले बल्लेबाजी करना ही बेहतर फैसला हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी टीम जो बड़े मुकाबलों में पहले बल्लेबाजी करती है और अगर 220 प्लस का टारगेट देने में सफल होता है तो उसके जीतने के चांस 90 परसेंट हो जाते हैं और टीम इंडिया में वह फायर पावर है कि पहले बल्लेबाजी करते हुए 250 रन आसानी से बना सकती है। आपकी क्या राय है?


















