
सुशील एडिटर इन चीफ….आईरा समाचार, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि भारत के साथ समुद्री अभ्यास में शामिल एक ईरानी युद्धपोत पर श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा हमला किया गया। उनके अनुसार यह युद्धपोत भारतीय नौसेना का “मेहमान” था और उसमें लगभग 130 नाविक सवार थे।अराघची ने कहा कि हमला बिना किसी चेतावनी के किया गया और अमेरिका को इसके लिए “पछताना पड़ेगा।” ईरानी पक्ष ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।हालांकि, इस मामले में अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारतीय पक्ष की ओर से भी अब तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह घटना वास्तव में अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच और तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी। समुद्री गतिविधियों को लेकर हिंद महासागर क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय परंपरा यह भी कहती है कि यदि कोई जहाज किसी देश की मेजबानी या संरक्षण में हो, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उस देश की जिम्मेदारी मानी जाती है। यहां तक कि युद्ध की परिस्थितियों में भी शरण लेने वाले या मेहमान के रूप में मौजूद पक्ष के साथ नियमों के तहत व्यवहार किया जाता है।


















