
अनीता ब्यूरो चीफ की कलम से मेरठ के सेवानिवृत्त जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी प्रणिता की घर वापसी को एक उत्सव में बदलकर समाज को एक संदेश दिया है। साल 2018 में एक आर्मी मेजर से शादी के बाद प्रणिता को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए जब 4 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने उनके तलाक पर मुहर लगाई, तो पिता ने शोक के बजाय जश्न मनाया। “आई लव माय डॉटर” लिखी टी-शर्ट पहनकर परिजनों ने ढोल-नगाड़ों और फूलों के हार के साथ प्रणिता का स्वागत किया। पेशे से फाइनेंस डायरेक्टर और मनोविज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट प्रणिता ने इस मौके पर महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। पिता का यह साहस भरा कदम साबित करता है कि बेटियां बोझ नहीं होतीं और गलत रिश्तों से बाहर निकलना हार नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक नई शुरुआत है।
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