
महिलाए सब बड़े घरो से थी,अपनी मर्जी से भोंदू बाबा के पास जा रही थी, बाबा अशोक खरात का बड़ा घोटाला सामने आने के बाद पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी का एक बयान खूब चर्चा में है।
ममता ने कहा, “जब वो कमरे में अकेले बुला रहा था तब ग़लत-सही समझ में नहीं आया? बुद्धि मर गई थी क्या? महिलाएं पाखंडियों को आसानी से भरोसा कर लेती हैं।” ममता कुलकर्णी ने अशोक खरात के कर्मकांड के लिए महिलाओं को ही ज़िम्मेदार ठहरा दिया। महिलाएं पाखंडियों को आसानी से भरोसा कर लेती है.
इस बयान से कई लोग हैरान और नाराज हो गए। ममता कुलकर्णी ने खुद को साध्वी बताने वाली ममता ने पीड़ित महिलाओं को ही दोषी ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं खुद अपनी बुद्धि खो बैठती हैं और ऐसे फ्रॉड बाबाओं पर आसानी से यकीन कर लेती हैं।
अशोक खरात पर आरोप है कि उसने सौ से ज्यादा महिलाओं का शोषण किया। वह पहले भक्तों का भरोसा जीतता, फिर उन्हें कमरे में अकेले बुलाकर नशे की दवा या हिप्नोसिस का इस्तेमाल करता। गुप्त कैमरे से वीडियो बनाकर बाद में ब्लैकमेल करता। पुलिस को अब तक 58 अश्लील वीडियो पेन ड्राइव में मिल चुके हैं।
खरात साधारण इमली के बीज को चमकाकर ‘चमत्कारी सिद्ध बीज’ बताता और एक-एक बीज लाख रुपये में बेचता। नकली सांप, बाघ की खाल और डर का पूरा सीन सेट लगाकर लोगों को डराता और फिर चढ़ावा के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठ लेता।
ममता कुलकर्णी का बयान आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। कई महिलाएं कह रही हैं कि जब कोई महिला शोषण का शिकार होती है तो उसे दोबारा दोष देना गलत है। कुछ लोग ममता के पक्ष में भी बोल रहे हैं कि उन्होंने सही कहा महिलाओं को भी सतर्क रहना चाहिए।
लेकिन सवाल यह है कि क्या पीड़ित महिलाओं को ही सब कुछ का दोष देना उचित है? खासकर जब बाबा अशोक खरात जैसा व्यक्ति सालों तक अंधविश्वास का जाल बुनकर महिलाओं को फंसाता रहा हो।
ममता कुलकर्णी का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि खुद उन्होंने भी कभी विवादित जीवन जिया है। अब साध्वी बनकर उन्होंने पीड़ितों पर ही सवाल उठा दिए।
इस पूरे मामले में महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भी फंस गई हैं। उनके पुराने वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें वे खरात के साथ दिख रही हैं।
अब SIT पुलिस अशोक खरात से लगातार पूछताछ कर रही है। बाबा की हालत इतनी खराब हो गई कि पुलिस को उसे सहारा देकर जेल में डालना पड़ा।
अब तक 100 से अधिक महिलाओं को शिकार बनाया था। बाहर भक्त इंतजार करते थे इधर बाबा कमरे में महिलाओं संग हवन करता था। महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल कांड के सूत्रधार अनीता ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट बाबा अशोक खरात से एसआईटी पुलिस ने 7 घंटे प्रेमपूर्वक पूछताछ की। इसके बाद उसे सहारा देकर काल कोठरी में डाला गया क्योंकि वह खुद चलने लायक नहीं बचा था।
ममता कुलकर्णी के बयान ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है शोषण के मामलों में महिलाओं की भूमिका पर कितना सवाल उठाया जा सकता है और असली दोषी को कितना बचाया जाता है?


















