
सुशील एडिटर इन चीफ….अगर कोई महिला यात्री फर्स्ट एसी (1AC) कोच में अकेले यात्रा कर रही है, तो उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने एक विशेष व्यवस्था की है। इस व्यवस्था के तहत महिला यात्री के साथ रहने वाली महिला अटेंडेंट दिन के समय सेकेंड एसी (2AC) में यात्रा कर सकती है। लेकिन रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक उसे फर्स्ट एसी कोच में महिला यात्री के साथ रहने और यात्रा करने की अनुमति होती है।
इसके लिए यह जरूरी है कि अटेंडेंट के पास सेकेंड एसी का वैध टिकट हो। ऐसी स्थिति में टीटीई भी अटेंडेंट को फर्स्ट एसी कोच में जाने से नहीं रोक सकता, क्योंकि यह नियम अकेली महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
इसी तरह रेलवे ने लेडीज कोच में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए भी नियम तय किए हैं। यदि कोई महिला लेडीज कोच में सफर कर रही है और उसके साथ बच्चा है, तो 12 वर्ष से कम उम्र का बच्चा अपनी मां के साथ उसी लेडीज कोच में यात्रा कर सकता है। इस स्थिति में टीटीई भी बच्चे को वहां से हटाने के लिए नहीं कह सकता।


















