April 20, 2026 12:33 am

मोदीजी को हिन्दू और मुसलमान दोनों हटाना चाहते है. किन्तु दोनों के बीच अन्तर देखिये:

मोदीजी को हिन्दू और मुसलमान दोनों हटाना चाहते है. किन्तु दोनों के बीच अन्तर देखिये:

हिन्दू पैट्रोल का दाम देख रहा है.

और मुसलमान- रोहिंग्या मुसलमान को.

हिन्दू जीएसटी से रूठे हैं और कांग्रेस को लाना चाहते हैं.

और मुसलमान भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाना चाहते हैं, इसलिए कांग्रेस को लाना चाहते हैं.

कारण जो भी हो, उद्देश्य सबका एक ही है..

जब आप फ़ुर्सत मे हो तब पढ़ लीजिए, किंतु पढ़ना धैर्य और शान्ति से और तत्पश्चात निष्कर्ष निकालना……

भारत में बहुत से लोग है, जो भ्रष्ट नेताओं की बातों में आकर मा.नरेन्द्र मोदी का विरोध करते हैं,

अच्छा है,

लोकतंत्र है, विरोध करें या समर्थन- ये तो आपका अपना हक है। पर मोदी का विरोध करके आप समर्थन किसका कर रहे हो! ये बडा गम्भीर सवाल है, इसलिए निर्णय भी गम्भीरता पूर्वक ही होना चाहिए-

*क्या मुलायम, लालू, मायावती, सोनिया, राहुल केजरीवाल, ममता बनर्जी, वामपंथी

ये सब नरेन्द्र मोदी से बेहतर हैं ??

या इनका रिकॉर्ड बेहतर है ??

* क्या नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्रीकाल की तुलना में ममता बनर्जी, अखिलेश आदि बेहतर नजर आते हैं? तुलना करनी है तो गुजरात के किसी छोटे शहर मे जाकर 1 नजर मार लीजिये और फिर इन अन्य राज्यों की राजधानी का भ्रमण कीजिए .

* राजनीति मे प्रवेश के समय लालू और मुलायम,

दोनों के घर की ऐसी स्थिति थी कि 1 के घर पर साइकिल और एक के घर पर लालटेन खरीदने तक के पैसे नहीं थे,

जाति के नाम पर चलने वाले नेता, आज अरबपति है,

रामगोपाल चार्टर्ड प्लेन में घूमता है, तो शिवपाल महँगी ऑडी में, कहाँ सेया आया इतना अकुत धन? क्या ये भ्रष्ट लोग नरेन्द्र मोदी से बेहतर हैं ?

* सोनिया के बेटा-बेटी और दामाद आज सभी अरबपति हैं, 10 साल का इनका राज हाल में ही बीता है, क्या ये नरेन्द्र मोदी से बेहतर है ??

* 35 साल बंगाल में राज करने वाले वामपंथी, नरेन्द्र मोदी से बेहतर हैं ?

* 5 साल केजरीवाल, 5 साल केजरीवाल का विज्ञापन चलाकर दिल्ली के लोगों को चूना लगाने वाला, WIFI, CCTV, 150 कॉलेज, 500 स्कुल…. क्या ये कुकुरमुत्ता नरेंद्र मोदी से बेहतर है ?

* जब मायावती राजनीति करने निकली थी, और कांशीराम की साथी थी, तब उसके घर में दिया जलाने का धन नहीं था, साईकल से प्रचार करती थी, आज उसका सैंडल भी प्लेन से आता है, उसके भाई के पास 497 कंपनियाँ हैं, क्या मायावती नरेंद्र मोदी से बेहतर है ???

अरे मोदी का विरोध करने वालो, विरोध करो, पर समर्थन किसका करना है ये तो तय करो, कोई बेहतर विकल्प हो तो बताना जरुर…?

थोड़ा देश का भी सोचो, कितना बर्बाद करवाना है, कितना लूटवाना है ?अरे बाहर निकलो जातियों के बन्धनों से, इसे उभारकर ये लूटेरे हमें ही लूटते हैं.

*””मान लो कि ये पोस्ट लिखने वाली और इसे शेयर करने वाली मैं मोदी भक्त हूं। लेकिन बुद्धि तो उपर वाले ने आपको भी दी है। इसलिए ईमानदारी से सोचिए… केवल अपने लिए नहीं, अपने देश के लिए ….

● मुझे नहीं मालूम कि मैं मोदी जी को क्यों पसंद करती हूँ । लेकिन मेरे पास कांग्रेस, सपा, बसपा और आप को ना-पसंद करने के बहुत कारण है ।

● मुझे नहीं मालूम कि अच्छे दिन आएंगे कि नहीं,

पर मोदी जी के अतिरिक्त और कोई राजनेता दूर दूर तक दिखाई नहीं देता जो भारत के अच्छे दिनों के लिए तन, मन और धन से प्रयत्न करता हो।

● मुझे ये भी नहीं मालूम कि मोदी जी भारत को हिन्दू राष्ट्र बना पायेगे या नहीं । लेकिन, इसका पूरा यकीन है कि वो पूरी संजीदगी और गम्भीरता से भारत माता को पुनः विश्वगुरु का दर्जा दिलवाने हेतु प्रयासरत है ।

● मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मोदी के पास 56 इंच का सीना है या नहीं। लेकिन ये पता है कि उनके सीने में ‘दम’ है, ‘दमा’ नहीं।

● मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर मोदी से देश के कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी नाराज हैं, क्यूँकि मुझे यकीन है उनके आने के बाद युवा पीढ़ी बहुत खुश है।

● मुझे नहीं पता कि मोदी देश का कितना विकास कर पाएंगे, लेकिन मुझे यकीं है वो अपनी जिम्मेवारियां उठाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।

● मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मोदी जी के पास इतिहास की जानकारी है या नहीं। मुझे पक्का यकीन है उनके पास भविष्य की पूरी तैयारी है ।

▪अपने मुख्यमन्त्री काल में मोदी ने गुजरात में कोई भ्रष्टाचार, घपला, परिवार के किसी भी सदस्य के लिए कुछ भी गलत जमा या पक्षपात किया है ??

● हाँ, वाकई मुझे नहीं पता कि भविष्य में बीजेपी हारेगी या जीतेगी, पर देश का सजग नागरिक होने के नाते ये जरुर चाहती हूँ कि मेरा देश जीतना चाहिए.

 

Leave a Comment

जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

नगर परिषद में है, पोपा बाई का राज।* बाड़मेर आमजन,आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप बता सकते है कि जिस भूमि पर आपने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति जारी की है,क्या यह भूमि आपके स्वामित्व की भी हैं या नहीं ?

राजस्थान के करौली जिले के नादौती से एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा जयपुर सहित पूरे प्रदेश में हो रही है। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए SDM काजल मीणा, उनके रीडर और UDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एक दिन में अस्पताल की नौकरी छोड़ने वाली वायरल महिला डॉक्टर को लेकर अब देशभर में सवाल उठ रहे हैं और जयपुर सहित कई शहरों में लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह डॉक्टर कौन हैं। अपने उसूलों के चलते नौकरी छोड़ने का फैसला लेने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।

जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां भंडारी हॉस्पिटल पर लगे आरोपों ने अब नया मोड़ ले लिया है। नपुंसकता के इलाज के नाम पर पहले से विवादों में घिरे इस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।