April 20, 2026 12:33 am

**इंदौर MBA छात्रा मर्डर केस: प्यार का खौफनाक राज़** ।

विशाल मल्होत्रा ब्यूरो चीफ मेट्रो टुडे लाइव इंदौर के द्वारकापुरी इलाके में 10 फरवरी 2026 की वो रात है, जब प्यार ने एक लड़की की जान ले ली।

सबसे पहले जानिए लड़की के बारे में – नाम था **साक्षी** (या कई रिपोर्ट्स में इसी तरह), 24 साल की MBA स्टूडेंट।

खूबसूरत, पढ़ाई में तेज़, परिवार की लाड़ली।

उस दिन दोपहर में पापा के साथ आधार अपडेट करवाने गई थी। शाम को घर लौटकर बोली, “पापा, एक फ्रेंड की बर्थडे पार्टी है, 11 बजे तक आ जाऊंगी।”

पापा ने मना नहीं किया। वो निकल पड़ी।

उसके बॉयफ्रेंड का नाम था **पीयूष धामनोतिया** – क्लासमेट, MBA का ही स्टूडेंट।

दोनों का रिलेशन सितंबर से चल रहा था।

पीयूष बाहर से परफेक्ट लगता था – स्मार्ट, बातें मीठी, लेकिन अंदर से जलन और जुनून का आग का गोला।

रात हुई।

CCTV में दिखा – साक्षी पीयूष के रेंटेड फ्लैट में घुसी। दोनों साथ में हंसते-बोलते।

दरवाजा बंद हुआ।

फिर क्या हुआ, वो कोई नहीं जानता था… तब तक।

तीन-चार दिन बीत गए।

साक्षी घर नहीं लौटी। फोन स्विच ऑफ।

परिवार परेशान, पुलिस को शिकायत।

पड़ोसियों को फ्लैट से बदबू आने लगी। पुलिस पहुंची, दरवाजा तोड़ा।

अंदर का नजारा… दिल दहला देने वाला।

साक्षी का शव बेड पर पड़ा था – नंगा, सड़ चुका, गले में रस्सी के निशान।

हाथ-पैर बंधे हुए।

पेट में चाकू घुसा हुआ, ब्लेड टूटकर अंदर रह गया।

पुलिस को शक हुआ – ये सिर्फ मर्डर नहीं, कुछ और भी हुआ है।

इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई।

पीयूष गायब था।

उसके फोन से ट्रेस – मुंबई, फिर गोवा।

ट्रेन में दबोचा गया।

अब सुनिए पीयूष के मुंह से निकले चौंकाने वाले खुलासे (पुलिस पूछताछ और मीडिया से):

– वो शाम साक्षी को “सरप्राइज गिफ्ट” का बहाना बनाकर बुलाया।

– कहा, “आंखें बंद कर, हाथ-पैर बांध लूं, मजा आएगा।”

– साक्षी ने मना किया – “मैं बीमार हूं, आज नहीं।”

– पीयूष का गुस्सा फूट पड़ा। जलन – “तू किसी और से बात करती है ना?”

– उसने जबरदस्ती की, हाथ-पैर बांधे, गला दबाया।

– साक्षी की सांसें थम गईं।

– लेकिन पीयूष रुका नहीं।

– शव के पास बैठकर बीयर पीता रहा।

– मृत शरीर के साथ भी आपत्तिजनक हरकतें कीं (नेक्रोफीलिया जैसी)।

– फिर चाकू से और वार किए।

– साक्षी के फोन से आपत्तिजनक वीडियो बनाए और व्हाट्सएप ग्रुप्स में डाले – ताकि मौत के बाद भी उसकी इज्जत मिट्टी में मिल जाए।

– भागने से पहले YouTube पर “आत्मा से बात कैसे करें” वाले वीडियो देखे। ब्लैक मैजिक ट्राई किया, ताकि साक्षी की रूह से बात कर सके।

जब पुलिस ने पूछा – “क्यों किया ये सब?”

पीयूष ने मुस्कुराते हुए कहा:

“जो होना था, हो गया। अब क्या करोगे जानकर? टाइम आएगा, सब बताऊंगा।”

उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं। बस एक ठंडी मुस्कान।

दोस्तों, ये स्टोरी खत्म नहीं होती यहां।

पीयूष के पापा ने खुद कहा – “मेरा बेटा IPS बनना चाहता था, लेकिन हैवान बन गया। उसे सबसे सख्त सजा दो।”

अब सवाल आपके लिए:

– प्यार में “नहीं” सुनना इतना बर्दाश्त क्यों नहीं होता कुछ लोगों को?

– क्या जलन इंसान को इतना नीचे गिरा सकती है?

– लड़कियां सुरक्षित कैसे रहें ऐसी रिलेशनशिप्स में?

कमेंट में बताओ – क्या लगता है आपको?

जस्टिस फॉर साक्षी!

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