
*समाज और राज्य हित में होगा ठेको का समय सुबह 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक किया जाना*
जयपुर (सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ मेट्रो टुडे लाइव जयपुर) राजस्थान मे शराब और बीयर की दुकानों के खुलने और बंद होने का वक्त सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 तक का है जो पहली नजर में तो कुछ ठीक लगता है लेकिन जमीनी हकीकत पर आए तो यह समय समाज के कई परिवारों पर बेहद भारी पड़ रहा है खासकर सुबह 10:00 बजे जब लोग अपने काम धंधे पर जाने के लिए भागम भाग में होते हैं तब इन शराब बीयर की दुकानों पर भी ग्राहक खरीदारी करते नजर आ ही जाते हैं और ज्यादातर इन ग्राहकों में मजदूर वर्ग के ज्यादा होते हैं जो अपने मजदूरी पर चढ़ने की जगह इन दुकानों को खुला देखकर उनकी चकाचौंध के चलते इन्हीं दुकानों पर चढ़ जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र से रोजाना शहर आने वाले कई दिहाड़ी मजदूर इनके अच्छे ग्राहक बन गए हैं, असल में खुली हुई दुकानों को देखकर कई लोग अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाते और इन दुकानों पर चढ़ जाते हैं। अगर यह ठेके सुबह 10:00 बजे की जगह दोपहर 12:00 बजे से खुलने लगे तो हमारा मजदूर वर्ग या अनेक काम धंधे वाला वर्ग अपने रोजगार की सीढ़ियों पर चढ़ जाएगा और काम में व्यस्त हो जाएगा। राज्य के जिस भी हिस्से में मजदूरों की चोखटिया लगती है वहां के कई मजदूर इन दुकानों के पहले ग्राहक होते हैं। सुबह दस बजे दुकानों के खुलने का खामियाजा आज इन मजदूरों के परिवारों पर भारी पड़ रहा है क्योंकि शाम को जब वह खाली हाथ और डगमगाते कदमों से अपने घर पहुंचते हैं तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है और यह स्थिति निरंतर बनी रहने पर ऐसे परिवार बहुत जल्द बर्बादी और कंगाली के कगार पर पहुंच जाते हैं और इनमें कई परिवारों के बाद में सामूहिक आत्महत्या करने की खबरें भी आती रहती है।
इसके अलावा रात 8:00 बजे बाद इनकी अवैध बिक्री महंगे दामों पर होती है जिससे चलते शराब ठेकेदारों की कमाई अंधाधुंध बढ़ गई है और साथ ही इसकी आड़ में कई शराब माफिया भी हमारे बीच पनप गए हैं जो देर रात तक शराब और बीयर की होम डिलीवरी तक करने लगे हैं शराब बीयर की बंद दुकानों के शटरों के नीचे से देर रात तक शराब बीयर की बिक्री चलती रहती है जिसका पता हर थाने और कई आबकारी अधिकारियों को है बस कभी कभार इन पर कुछ कार्यवाही करके इति श्री कर ली जाती है शराब बीयर के खरीददारों को भी सब ठिकानों का पता है जहां यह देर रात तक बिकती रहती है और यह बहुत महंगे दामों पर इन्हें खरीद कर एंजॉय कर लेते हैं। चूंकि शराब और बीयर के खरीददार रात को ही बाहर निकलते हैं और उन्हें यह सब महंगे दामों पर मजबूरन खरीदना पड़ता है इसकी आड़ में अवैध और नकली शराब और बीयर भी जमकर बिकती है जिससे राजस्व का नुकसान सीधे-सीधे सरकार को होता है और नकली शराब पीने वालों के शरीर में यह कई बीमारियां पैदा कर देती है। यह सभी फिर पीने वालों का पूरा परिवार अस्पतालों के चक्कर काटकर भुगतता है।
आठ बजे की पाबंदी भी इन पर्यटकों पर भी भारी पड़ जाती है उन्हें भी एमआरपी से अधिक मूल्य पर यह बेमन से खरीदनी पड़ती है जिसके चलते राजस्थान की पधारो मारे देश की जो छवि है उसे अच्छा खासा नुकसान पहुंचता है हमारी हैलो जयपुर की टीम ने शराब और बीयर की दुकानों के खुलने और बंद होने के मौजूदा समय पर गत दिनों गहन स्टडी की है और इस स्टडी का यह निष्कर्ष निकला कि इन दुकानों का समय सुबह 12:00 बजे से रात 10:00 बजे तक का किया जाना समाज और राज्यहित में होगा, इसलिए राज्य सरकार को इस विषय पर बुद्धिजीवियों और आला अधिकारियों से विचार विमर्श करके शराब बीयर की दुकानों के समय में बदलाव कर देना चाहिए।


















