
ओम श्री गुरु चरण कमलेश देव नमः मेरा सभी भारतीय धर्म गुरुओं से निवेदन है सभी संप्रदाय सभी मजहब के धर्मगुरुओं से भारत के अंदर इस तरह के दंगा और प्रसाद और शांति भंग करने वाले लोग सड़कों पर आकर के मोहल्ला मिटाने वाले लोगों पर एवं भारतीय संपत्ति को आप के हवाले करने वाले आगजनी की घटनाएं भोले भाले सीधे साधे लोगों को उलझा कर जाल में ऐसे भूल जाने वाले लोगों पर उनका नेतृत्व करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो एवं सभी धर्म गुरुओं को अब आगे आना चाहिए धर्म की परिभाषा क्या है धर्म की परिभाषा यही है कि देश के अंदर टुकड़े-टुकड़े करके और हिंदुस्तान को खत्म करने की इस मुहिम और इस साजिश के तहत वह कर दिखाना चाहते हैं कि अपना कोई साधक बचेगा उपासक बचेगा ना कोई साधना कर पाएगा न जगह बच पाएगी आने वाले समय में स्वयं ही जो है धर्म नष्ट हो जाएगा तो जब धर्म नष्ट होगा तो आप तो बुद्धिजीवी हैं सभी देशवासी सभी धर्म गुरु जानते हैं किस तरह की ओछी हरकतें देश के टुकड़े करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो जब देश ही नहीं बचेगा तो साधना और धर्म प्रचार प्रसार कहां करोगे इस बात का जवाब मैं सभी धर्म गुरुओं से चाहता हूं कि मौन रहकर काम नहीं चलेगा सब को एक साथ खड़ा उठ किसी एक विशेष धर्म की बात नहीं है हिंदुस्तान में जितने भी धार्मिक संस्थाएं और मजहब है वह सभी हिंदुस्तानी हैं और हिंदुस्तान के अंदर इस तरह का कट्टरवाद और उन्माद फैला रहे हैं यह देश के लिए अच्छा परिचय नहीं है और भारत के लिए भारतीयता के लिए एक बहुत बड़ा खतरनाक खतरा है इस पर माननीय गृहमंत्री जी को भी अमल करना होगा माननीय भारत सरकार को माननीय प्रधानमंत्री जी को भी इस पर और गृह मंत्री जी को भी अमल करना होगा और सभी धर्मों से मैं बार-बार अपील कर रहा हूं निवेदन कर रहा हूं किस तरह पर भारत और भारतीयता पर जो हमलावर हुए लोग हैं इन पर भी कार्रवाई हो और देश की शांति भंग करने वाले पहले भी रहे हैं राक्षस असुर जिन्होंने ऋषि और मुनियों को और उनके धर्म स्थल और पूजा स्थलों को तोड़फोड़ मचा कर इस तरह से उनकी शांति भंग करने का प्रयास किया गया है अब बहुत हो गया है इस तरह की जो है हरकतें सभी जो है धार्मिक जनता या राष्ट्रभक्त या संत अब सहन नहीं करेंगे सभी अखाड़ा और मठों के लोगों को आंख मूंदकर बैठने से आंख खोलकर बाहर आने की आवश्यकता है जो इस तरह देश के टुकड़े होंगे तो आप साधना और मटका बचेंगे कहां साधना करोगे यह सब को सोचने की आवश्यकता है आप सब बुद्धिजीवी समझदार हैं हमको इतना कहने की आवश्यकता नहीं थी लेकिन जब आती हो गई और हद से बाहर तमाशा देखा तो हम को मजबूरन अपील करनी पड़ी जय हिंद जय भारत वंदे गौ मातरम सभी भारतवासी इस वक्त का स्वागत छोड़ कर के


















