
संदीप…..
बाराबंकी के टिकैतनगर थाना क्षेत्र स्थित बसंत कांति इंटर कॉलेज में एक कक्षा 12 की छात्रा को बोर्ड परीक्षा से रोके जाने का मामला सामने आया है। कॉलेज ने छात्रा को कुछ हजार रुपये की बकाया फीस होने के कारण प्रवेश पत्र नहीं दिया, जिससे उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष दांव पर लग गया।
छात्रा अंकिता यादव के पिता राम सागर यादव आम परिवार से हैं और मुश्किल से बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। परिवार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण विद्यालय की लगभग 7 हजार रुपये फीस बकाया रह गई थी।
अंकिता ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वह परीक्षा से पहले 3 हजार रुपये जमा करने को तैयार थी और प्रिंसिपल से हाथ जोड़कर विनती की कि शेष राशि वह परीक्षा समाप्त होने के बाद जमा कर देगी। लेकिन आरोपों के अनुसार प्रिंसिपल ने पूरी फीस जमा होने तक प्रवेश पत्र देने से इंकार कर दिया।
छात्रा के माता-पिता का कहना है कि इस निर्णय से छात्रा का भविष्य प्रभावित हो सकता है। शिक्षाविदों का भी मानना है कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी छात्र को परीक्षा से रोकना अनुचित है और ऐसे मामलों में शिक्षा विभाग को हस्तक्षेप करना चाहिए। कॉलेज प्रशासन की यह कार्रवाई सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
शिक्षकों और अधिकारियों ने कहा कि छात्रा की पढ़ाई में बाधा डालने वाले ऐसे कदमों पर समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


















