
मेट्रो टुडे लाइव जयपुर ब्यूरो)
जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कों पर काफी समय से पुराने टायरों का कब्जा है और जगह जगह इनके ढेर लगे पड़े हैं,पता नहीं कितने ही मौसम इन पुराने टायरों पर निकल गए है लेकिन यह पुराने टायर जस के तस है। बरसात के मौसम में इनमें भरा पानी वर्ष भर फिर भरा रहता है जिनमें कई लार्वा पैदा होकर डेंगू जैसी मौसमी बीमारियां और बुखार फैलाते रहते हैं ट्रांसपोर्ट नगर के आसपास और ट्रांसपोर्ट नगर में ही रहने वाले लोग इन बीमारियों से वर्ष भर जूझते रहते हैं। यहां पुराने टायरों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है और इनके सड़क पर अतिक्रमण के चलते यहां की सड़के भी सिकुड़ सी गई, हैरानी होती है नगर निगम ने अभी तक यहां अतिक्रमण हटाने का अभियान नहीं चलाया है जिसके चलते पुराने टायरों का कारोबार करने वालो के हौसले बुलंद है इन अतिक्रमणों से यहां के अन्य व्यापारी भी परेशान है और अब यहां रहने वाले भी ट्रांसपोर्ट नगर में सड़कों से अतिक्रमण हटाने के अभियान की जरूरत बताते हैं। हैलो जयपुर टीम जब स्थानीय लोगों की शिकायत पर यहां पहुंची तो देखा कि इन टायरों की भीड़ में कई दुकानें भी छिप सी गई है और टायरों के बीच गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं खुले में रखे टायरों में कई बार आग भी लग चुकी है खासकर दीपावली के समय आतिशबाजी के चलते आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती है। करीब 40 साल पूर्व जब ट्रांसपोर्ट नगर बसाया और बनाया गया था तो बहुत व्यवस्थित था और यहां के दुकानदार और ग्राहकों के लिए सुविधाजनक भी था। लेकिन आज हालात बिल्कुल उलट है। यहां कई ढाबे भी चल रहे हैं जिनमें
ड्राइवरों और खलासियों कि भीड़ बनी रहती है , चूंकि वह रात का ठहराव भी यही करते हैं तब उन्हें यहां के मच्छर और अन्य जीव जंतुओं से अपने आप को बचाए रखना पड़ता है जो कि सड़कों पर खुले पड़े इन पुराने टायरों की वजह से।


















