
राश्मि शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन से पहले CJP नेता अभिजीत दीपके और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके ठिकाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दोनों संगठनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है और वकीलों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
CJP ने दावा किया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और पार्टी का उनसे संपर्क टूट गया है। वहीं, AISA का आरोप है कि नेहा बोरा को पहले मंगोलपुरी स्थित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में अकेले रखा गया और बाद में किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। संगठन ने नेहा की तत्काल रिहाई की मांग की है।
इस मामले पर CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने दिल्ली पुलिस से सवाल किए। उन्होंने कहा कि AISA की अंजलि ने उन्हें फोन पर बताया कि नेहा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया था। ब्रिटास ने पुलिस से नेहा का ठिकाना सार्वजनिक करने, उन्हें परिवार और वकीलों से संपर्क की सुविधा देने तथा हिरासत में लेने का आधार बताने की मांग की।
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी अभिजीत दीपके और नेहा बोरा के ठिकाने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र सरकार से दोनों को तत्काल रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने की कार्रवाई रोकने की मांग की।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी नेहा बोरा की हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस से यह स्पष्ट करने की मांग की कि नेहा को रात में कहां ले जाया गया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग से मामले का तत्काल संज्ञान लेने और नेहा की रिहाई की मा



















