April 20, 2026 2:25 am

ज्योतिष अशोक कुमार खरात। 22 साल मर्चेंट नेवी में कैप्टन रहा। 2010 में घर लौटा तो 20 एकड़ जमीन खरीदी और उस पर भव्य मंदिर बनवाया। महाराष्ट्र सरकार ने 1.25 करोड़ रुपए दिए। CM एकनाथ शिंदे के दर्शन से बाबा का जलवा बढ़ा, चंदा की बाढ़ आ गई। फिर और प्रॉपर्टी खरीदी।

अशोक कुमार ब्यूरो चीफ ज्योतिष की कलम से अशोक कुमार खरात। 22 साल मर्चेंट नेवी में कैप्टन रहा। 2010 में घर लौटा तो 20 एकड़ जमीन खरीदी और उस पर भव्य मंदिर बनवाया। महाराष्ट्र सरकार ने 1.25 करोड़ रुपए दिए। CM एकनाथ शिंदे के दर्शन से बाबा का जलवा बढ़ा, चंदा की बाढ़ आ गई। फिर और प्रॉपर्टी खरीदी।

“ऑक्स प्रॉपर्टीज” नाम का दफ्तर खोला। यहां बाबा भविष्य बताता, पूजा-पाठ करवाता। लेकिन असल खेल था महिलाओं का शोषण! ऑफिस में CCTV लगे थे, हर शोषण रिकॉर्ड होता। समस्या सुलझाने के बहाने शारीरिक संबंध बनाता।

17 मार्च को पहली FIR से राज खुला। 50 से ज्यादा अश्लील वीडियो सामने आए, हर में अलग महिला! चौंकाने वाली बात- महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर इस बाबा के ट्रस्ट में सदस्य थीं। वो भी ऑफिस जाकर “आशीर्वाद” ले चुकीं।

आज 1 अप्रैल तक बाबा पुलिस कस्टडी में। शिकार महिलाओं की शिकायतें बढ़ रही हैं। ये एपस्टीन जैसा केस बाबाओं के फर्जीवाड़े को बेनकाब कर रहा है। महिलाएं सावधान रहें, ऐसे बाबाओं से दूर!

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जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

नगर परिषद में है, पोपा बाई का राज।* बाड़मेर आमजन,आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप बता सकते है कि जिस भूमि पर आपने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति जारी की है,क्या यह भूमि आपके स्वामित्व की भी हैं या नहीं ?

राजस्थान के करौली जिले के नादौती से एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा जयपुर सहित पूरे प्रदेश में हो रही है। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए SDM काजल मीणा, उनके रीडर और UDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एक दिन में अस्पताल की नौकरी छोड़ने वाली वायरल महिला डॉक्टर को लेकर अब देशभर में सवाल उठ रहे हैं और जयपुर सहित कई शहरों में लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह डॉक्टर कौन हैं। अपने उसूलों के चलते नौकरी छोड़ने का फैसला लेने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।

जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां भंडारी हॉस्पिटल पर लगे आरोपों ने अब नया मोड़ ले लिया है। नपुंसकता के इलाज के नाम पर पहले से विवादों में घिरे इस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।