
…यह कहानी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के धनवाली गांव की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना पर आधारित है।
महेंद्र और रीटा: मेरठ के धनवाली गांव में महेंद्र सिंह नाम का एक दर्जी रहता था। वह अपनी खूबसूरत पत्नी रीटा देवी के साथ रहता था। गांव के लोग उससे कपड़े तो सिलवाते थे, लेकिन पैसे उधार रखते थे, जिससे महेंद्र काफी परेशान था।
रीटा का चरित्र: रीटा बेहद सुंदर थी, लेकिन उसका चाल-चलन ठीक नहीं था। महेंद्र की जानकारी के बिना गांव के कई लोगों के साथ उसके संबंध थे।
कर्ज की तलाश और धोखा: महेंद्र अपना काम बदलकर ऑटो रिक्शा खरीदना चाहता था, जिसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। वह अपने दोस्त करम सिंह से पैसे मांगता है। करम सिंह उसे पैसे तो नहीं देता, लेकिन एक रात महेंद्र को ज्यादा शराब पिलाकर उसके घर पहुंच जाता है और महेंद्र के नशे में होने का फायदा उठाकर रीटा के साथ संबंध बनाता है।
डॉक्टर सुधीर का प्रवेश: जब कहीं से पैसों का इंतजाम नहीं हुआ, तो रीटा ने गांव के डॉक्टर सुधीर से ₹1.5 लाख का कर्ज लिया। डॉक्टर सुधीर ने यह पैसे रीटा के साथ वक्त गुजारने की शर्त पर दिए थे।
किस्तों के बदले अवैध संबंध: महेंद्र ऑटो चलाने लगा और पीछे से रीटा किस्तों के बदले डॉक्टर सुधीर और करम सिंह, दोनों के साथ अवैध संबंध बनाए रखती थी।
पकड़े जाना: एक दिन महेंद्र अचानक घर जल्दी लौट आता है और करम सिंह को अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लेता है। करम सिंह भागते-भागते सच उगल देता है कि रीटा के संबंध डॉक्टर सुधीर से भी हैं।
भयानक अंत: गुस्से में पागल होकर महेंद्र ने रीटा को रस्सी से बांध दिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद उसने रीटा के संवेदनशील अंगों में फेविकोल भर दिया और अंत में सब्जी काटने वाले चाकू से उसका गला का*टकर ह*त्या कर दी।
आत्मसमर्पण: हत्या करने के बाद महेंद्र ने खुद पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर उसे जेल भेज दिया।


















