
अतुल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
देखा इस कॉकरोच की नौटँकी ? पहले दिल्ली पुलिस ने अंतिम संस्कार में जाने के लिए व्यवस्था करने को कहा तो मना कर दिया !
फिर बाहर आकर दिल्ली पुलिस पर झूठे आरोप लगाए ! दिल्ली पुलिस ने बातचीत का वीडियो जारी कर झूठ की पोल खोल दी, तो फिर ओर नए आरोप लगा दिये !
अब गाँव जाकर दादी की चिता पर श्रद्धांजलि देने पँहुचा CJP फाउंडर अभिजीत दिपके अपने साथ 50 मीडिया कैमरे लेकर गया दादी की चिता पर पुष्प चढ़ाकर रोने लगा, हो सकता है दुःख हो लेकिन इतना तो ख्याल रखना चाहिए कि फ़ोटो शेषन के लिए पूरा मीडिया साथ आया है तो जूते तो उतार दे ?
श्मशान भूमि में अस्थि संकलन से पूर्व चिता के पास जूते लेकर नही जाना चाहिए, ये तो हर कोई जानता है लेकिन दिपके खुद ही नही बल्कि अलग अलग एंगल से रील बना रहे कैमरा मैन चिता की राख पर जूते पहनकर इधर उधर भागते दिख रहे है!
सवाल ये है कि मीडिया फुटेज और फ़ोटो शेषन के लिए धार्मिक मान्यताओं का मजाक क्यो ?



















