
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट
“सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमें मंजूर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट कह रही है कि जिन पर पहले से FIR हैं, उन्हें मत छोड़िए, तो हमें यह मंजूर नहीं है। सरकार हमारी मांगों को बिना किसी ‘किंतु-परंतु’ के पूरा करे।”
दरअसल, दावा है कि CJP प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार लोगों में कुछ हिस्ट्रीशीटर और POCSO व हत्या जैसे गंभीर मामलों के आरोपी भी शामिल हैं।
ऐसे में सौरभ दास की मांग पर सवाल उठ रहा है कि क्या आंदोलन में शामिल हो जाने भर से पुराने गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपियों को भी रिहाई मिल जानी चाहिए?
सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी मंजूर नहीं, FIR वालों पर कार्रवाई भी मंजूर नहीं और मांगें भी बिना ‘किंतु-परंतु’ पूरी चाहिएं? आंदोलन अपनी जगह, लेकिन कानून किसी पार्टी की शर्तों पर नहीं चल सक



















