
अनिल शर्मा ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
यह है वसुंधरा ओसवाल, भारतीय मूल की युवा बिजनेसवुमन, जिनके साथ हुए नस्लीय भेदभाव के मामला ने वैश्विक स्तर पर एक नई बहस छेड़ दी है l
स्विट्जरलैंड में अपने ही घर के बाहर ओसवाल परिवार दोपहर के समय घास काटने वाली मशीन का इस्तेमाल कर रहा था,
तभी एक स्विस पड़ोसी ने आकर न सिर्फ इसका विरोध किया, बल्कि सीधे तौर पर नस्लीय टिप्पणी करते हुए कहा,
”तुम भारत में नहीं हो, तुम यहाँ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकतीं”
जबकि सच्चाई यह थी कि उसी समय एक दूसरा स्थानीय स्विस नागरिक भी अपने लॉन में मशीन चला रहा था, लेकिन उसे कुछ नहीं कहा गया,
निशाना सिर्फ इसलिए बनाया गया क्योंकि वे भारतीय हैं,
जब तक कोई प्रवासी वहां छोटे काम करता है, तब तक सब ठीक है,
लेकिन जैसे ही कोई भारतीय उनसे ज्यादा समृद्ध और सफल होने लगता है, तो उनका पूर्वाग्रह बाहर आ जाता है,
वसुंधरा ने बिल्कुल सही कहा कि हमें वहां पैसा खर्च करने से पहले सोचना चाहिए कि क्या वे देश हमारा सम्मान करते हैं,
वसुंधरा ओसवाल का यह कदम सराहनीय है क्योंकि उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाकर दुनिया को यह याद दिलाया है कि सम्मान सबका अधिकार है l
इसे बहुत देर में पता चला अपना घर अपना देश अपना ही होता है….!



















