
अशोक ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
कानपुर IIT से रिसर्च स्कॉलर (Phd) की एक स्टूडेंट ने 13 दिसंबर 2024 को ACP मोहसिन खान पर रेप का आरोप लगाया था। पीड़िता ने बताया कि कलक्टरगंज ACP मोहम्मद मोहसिन खान IIT से साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी की पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान उनकी नजदीकी बढ़ गई। ACP ने प्यार में फंसाकर उससे रेप किया।
तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के आदेश पर ACP के खिलाफ जांच शुरू हुई। प्रारंभिक जांच तत्कालीन DCP साउथ अंकिता शर्मा और ACP अर्चना सिंह IIT पहुंचीं।
दोनों महिला अफसरों ने पीड़िता से पूछताछ की, जिसमें लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए थे। जिसके बाद ACP के खिलाफ रेप समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था और ACP को पद से हटा दिया था। आरोपी ACP को तत्काल प्रभाव से लखनऊ हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया था।
अभी कि ताजा खबरों के अनुसार मोहसिन खान को फिर से साइबर क्राइम में पदस्थापना दी गई है…..2024 के उनपर जो आरोप लगे थे उस प्रकरण कि स्पष्ट स्थिति कोई बताने को तैयार नहीं है।
आखिर एक बला त्कारी व्यक्ति को फिर से नियुक्ति किस आधार पर दी गई…?
क्या एक कानून एक साधारण व्यक्ति के साथ भी यही रवैया रखता है….?



















