
अनीता ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
“बिना किसी ठोस प्रमाण के पूरे नर्सिंग स्टाफ या नर्सिंग प्रोफेशन पर ‘मिलीभगत’ का आरोप लगाना देश की लाखों नर्सों की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला है। नर्सिंग एक ऐसा पेशा है जो मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा वर्षों से समर्पण, सेवा और मानवता की भावना के साथ संभाला गया है। नर्सों का कार्य मरीजों की देखभाल करना, उनकी जान बचाना और उन्हें सुरक्षित रखना है, न कि किसी की जिंदगी बर्बाद करना। यदि किसी मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करनी है तो वह तथ्यों और जांच के आधार पर होनी चाहिए, पूरे नर्सिंग समुदाय को कटघरे में खड़ा करके नहीं। किसी एक घटना के आधार पर लाखों ईमानदार और मेहनती नर्सों की निष्ठा पर सवाल उठाना न केवल अनुचित है बल्कि इस सम्मानित पेशे का अपमान भी है।
“ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों के कारण लाखों नर्सों को अपने सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन करना पड़ा
“किसी भी व्यक्ति को अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। किसी भी मामले में जिम्मेदारी तय करना जांच और तथ्यों का विषय है। यदि गलती किसी व्यक्ति या व्यवस्था की है, तो जवाबदेही भी उसी की तय होनी चाहिए। गलती जहाँ हुई है, सवाल भी वहीं उठने चाहिए; किसी दूसरे वर्ग को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।”
“मैं सभी लोगों से विनम्र अपील करती हूँ कि इस मामले को राजनीति, या किसी पेशे विशेष के खिलाफ अभियान का रूप न दें। हमारा ध्यान केवल पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषी को कड़ी सजा दिलाने पर होना चाहिए। निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित जांच हो, ताकि सच्चाई सामने आए और वास्तविक जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके। हमें न्याय और सत्य के पक्ष में खड़ा होना चाहिए। पीड़िता को न्याय मिले, दोषी को दंड मिले और जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो—यही हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
17 दिन हों गये, जाँच कर चुके हैँ सभी, अगर किसी नर्स की गलती होती तो अब तक अंदर होती. और आगे भी किसी नर्स की इस मामले में गलती मिली तो उसको भी ऐसे ही पकड़वाया जायेगा जैसे उस बेशर्म डॉ क़ो पकड़वाया गया, बिना मामले क़ो दबाये



















