
अनीता ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
योग्यता को सम्मान दो, रेणु भाटिया को वापस लाओ!
4 साल 6 महीने तक हरियाणा की बहन-बेटियों के लिए दिन-रात लड़ीं।
कुरुक्षेत्र LNJP अस्पताल में 15 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत पर जब आवाज़ उठाई, तो इनाम में इस्तीफा देना पड़ा।
सबसे बड़ा सवाल यही है:
9 जून को रेणु भाटिया का इस्तीफा लिया गया। और सिर्फ 3 दिन बाद, 12 जून को ही नई अध्यक्ष चुन ली गई। ये कैसा न्याय है? इतनी जल्दी किस बात की थी?
और शर्मनाक बात ये भी है कि:
जिन स्टाफ को तो अस्पताल से बाहर होना चाहिए था, वो आज भी LNJP अस्पताल में ही काम कर रहे हैं।
और जिसे बहन-बेटियों के लिए काम पर होना चाहिए था, वो रेणु भाटिया आज कुर्सी से बाहर हैं।
ये कैसी व्यवस्था है?
जहाँ सच बोलने वाले को सज़ा मिलती है और सवालों के घेरे में आए लोग कुर्सी पर बैठे हैं?
जिसने ईमानदारी से अपना फर्ज निभाया, आज वो पद पर नहीं है।
योग्यता • ईमानदारी • नेतृत्व – इन तीनों पर भारी पड़ा दबाव।
अगर आप भी मानते हैं कि रेणु भाटिया के साथ गलत हुआ, तो आवाज़ उठाएं, गलत के खिलाफ!



















