
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
आज कल इंसानियत इतनी शर्म सार हो चुकी है कि शर्म आती है बताने में कि कुछ लोग कुछ रिश्ते इतने शर्मसार कर रहे है रिश्ते को तो बोलना तो पड़ेगा ही ..
भगवान के बाद दूसरा भगवान जब हम डॉक्टर को मानते है तब अगर रिश्ते शर्म सार करते है तो दुख होता है
ये कोई पहला मामला नहीं है जो सामने आया हो ..
ऐसे पहले भी बहुत केस आये है जहाँ डॉक्टर ने ऐसी शर्म सार काम किया हो .
औरतों और लड़कियों के निजी पार्टों को छुना बीमारी की आड़ में पहले तो कपड़ों के ऊपर ..
बाद में नर्से के साथ होने के बाद भी कपड़ों के अंदर प्राइवेट पार्ट को इंट्रोगेट करना जब कि वहां तक जाने का कोई रीजन न हो ..पर ये बता कर कि सभी ऑर्गन एक दूसरे से जुड़े होते है ये बता कर हाथ तक डाल देना…बहुत गुस्सा आती है मुझे..
जब कोई 10, 12 साल की बेटी बोले या 24 ,25 साल की शादी शुदा बेटी बहु को पेट दर्द होने पर ये सजा मिले तो
तो दुख होता है ये कौन सा युग चल रहा है किस पर विश्वास किया जाए अब…
ICU जैसी जगह भी हॉस्पिटल में सुरक्षित नहीं है वहां वार्डबॉय से लेकर निरीक्षण करने वाले लोग भी पेसेंट की बेहोशी की फायदा उठाते है
कुरुक्षेत्र के अस्पताल में एक लड़की पेट दर्द की शिकायत लेकर आई इस 👇🏼डॉ के पास इसने बाथरूम में जाकर मुंह में कपड़ा ठूस कर दुष्कर्म किया और बोला किसी को बोला तो अच्छा नहीं होगा..
आप ही बताओ क्या ये दुनिया बची है विश्वास करने के लिए?मेरे हिसाब से नहीं चाहे कोई बड़ा हॉस्पिटल हो या छोटा ये आए दिन की खबरें होती है



















