
आरती ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
आज एक बिटिया आकांक्षा चतुर्वेदी ने जिसने नीट का एग्जाम दिया था मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर लिया
उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि जो नीट का पहली बार पेपर हुआ था उसका अच्छा पेपर था अब पता नहीं दूसरी बार पेपर कैसा होगा
मैं सभी बच्चों से अपील करूंगा की आत्महत्या किसी भी चीज का समाधान नहीं है अगर आपको यह लग रहा है कि आपने पहले जो नीट का पेपर दिया था बहुत अच्छा दिया था तो नीट में सिलेक्शन रैंकिंग के आधार पर होता है
और आपको इतना तो पता चल ही गया होगा कि नीट का पेपर माफियाओं ने महाराष्ट्र उत्तराखंड जम्मू कश्मीर बिहार राजस्थान से लेकर केरल तक बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बेचा है सीकर के सभी बड़े कोचिंग सेंटर में पेपर बेचा गया है महाराष्ट्र का कोचिंग हब लातूर में बड़े पैमाने पर कोचिंग सेंटर्स ने पेपर बेचे हैं
यहां तक की परीक्षा के 1 घंटे पहले तक लोगों ने 5000 तक में पेपर भेजा है क्योंकि जिसने भी पेपर खरीदा था वह अपना पैसा वापस निकालने के लिए 10- 15 और लोगों को आगे पेपर बेचा है
तो इसीलिए अगर आपको यह लग रहा है कि आपका पेपर बहुत अच्छा हुआ था और आप मानसिक तनाव में है तो आप यह चीज मान लीजिए कि आपका पेपर भले ही अच्छा हुआ था लेकिन इन पेपर माफियाओं ने इतने बड़े लेवल पर पेपर बेचे थे कि आपका सिलेक्शन तब भी नहीं हो पता
इसीलिए सरकार ने पेपर रद्द करके फिर से पेपर ले रही है ताकि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का कैरियर बर्बाद ना होने पाए
और कोई गैर कानूनी तरीके से सिलेक्ट न होने पाए
तो मैं सभी छात्रों से अपील करूंगा कि आप मानसिक तनाव मत करिए आप इस बात को सोचिए कि अगर पेपर कैंसिल नहीं होता तो कितने माफियाओं के द्वारा लोग इसमें सिलेक्ट होते और अगर आपका पहली बार नीट का पेपर अच्छा गया है तो आप निश्चिंत रहिए आपका दूसरी बार भी पेपर अच्छा ही होगा
क्योंकि इस बार हजारों ऐसे लोग छट जाएंगे जिन लोगों ने पेपर खरीदा था क्योंकि उनके ऊपर भी यह मानसिक दबाव है क्योंकि सीबीआई दूसरे फेस में उन सबको पकड़ने वाली है जिन-जिन लोगों ने पेपर खरीदे थे…!



















