
संदीप सबरवाल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
TMC में इस्तीफों की आंधी उठी… और उसी बीच सायोनी घोष की बदली हुई भाषा ने बंगाल की राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया!
पश्चिम बंगाल की सत्ता हाथ से जाते ही TMC के भीतर जो हलचल शुरू हुई, उसने ममता बनर्जी के खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है। एक तरफ नेताओं के इस्तीफों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, तो दूसरी तरफ जिन चेहरों की आवाज कभी सबसे तेज सुनाई देती थी, वे अब अचानक शांत नजर आने लगे हैं।
सायोनी घोष, जो कभी बीजेपी नेताओं पर तीखे हमले करती थीं, अब पुराने विवादित पोस्ट को लेकर सफाई और माफी देती दिख रही हैं। उनका कहना है कि उस वक्त वे छोटी थीं, सोशल मीडिया की समझ नहीं थी। लेकिन सवाल यह है—क्या यह सिर्फ पछतावा है, या आने वाली कार्रवाई का डर?
इसी बीच चंदन नगर नगर निगम में सामूहिक इस्तीफों ने TMC की मुश्किलों को और गहरा कर दिया। बीजेपी का दावा है कि कई सांसद और विधायक संपर्क में हैं। ममता बनर्जी ने भी कविता के जरिए “गिरगिट” कहकर किसे निशाना बनाया? क्या पार्टी के भीतर कुछ बड़ा टूटने वाला है?
और सबसे बड़ा सवाल—सायोनी घोष की चुप्पी सिर्फ रणनीति है या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत?



















