
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत हुई है। नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सिलीगुड़ी में उत्तर बंगाल की प्रशासनिक समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सभी 14 विधायकों को भी शामिल होने का औपचारिक न्योता भेजा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसेवा और विकास के कार्यों में विपक्ष को साथ लेकर चलना और उनके सुझाव लेना एक स्वस्थ परंपरा है, जिसे स्थापित करने के लिए खुद मुख्यमंत्री ने जोर दिया था।
यह कदम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान विपक्ष को इस तरह की बैठकों में शामिल करने की परंपरा नहीं रही थी। मुख्यमंत्री अधिकारी के इस कदम की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के राजनीतिक शिष्टाचार से की जा रही है। सिलीगुड़ी के उत्तर कन्या सचिवालय में हुई इस बैठक में बीजेपी मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ विपक्षी विधायकों की मौजूदगी ने राज्य में ‘सहयोगात्मक लोकतंत्र’ की नई मिसाल पेश की है।



















