
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट बंगाल में नई सरकार बनते ही
अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। 👀
सुवेंदु अधिकारी सरकार ने
ममता बनर्जी के कार्यकाल में नियुक्त
विभिन्न बोर्डों, संगठनों, गैर-सांविधिक निकायों
और सार्वजनिक उपक्रमों के
नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों को
तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
इतना ही नहीं…
जिन रिटायर्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को
पुनर्नियुक्ति या सेवा विस्तार मिला था,
उनकी सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।
यानी नई सरकार
अब पूरी प्रशासनिक संरचना में
बड़े बदलाव करती दिख रही है।
राजनीतिक बदलाव के बाद
अब सिस्टम के अंदर भी
साफ-सफाई और पुनर्गठन की शुरुआत मानी जा रही है।
समर्थक इसे
“पुराने नेटवर्क को हटाने” का कदम बता रहे हैं,
जबकि विरोधी
इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कह सकते हैं।
लेकिन इतना तय है—
बंगाल में सत्ता बदलने के बाद
अब प्रशासनिक ढांचा भी
तेजी से बदलता दिख रहा है।



















