

सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। यहां बिना वैध डिग्री, रजिस्ट्रेशन और ♦अनुमति के एक तथाकथित मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल लंबे समय से संचालित किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर सीएम फ्लाइंग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
टीम ने खरखौदा के बाल्मीकि मंदिर, दिल्ली चौक के पास स्थित पीसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर छापा मारा। जांच के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे स्पष्ट हुआ कि अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
जांच में पता चला कि अस्पताल को गांव पाई निवासी अनिल चला रहा था, जिसने केवल 12वीं के बाद जीएनएम (नर्सिंग) का कोर्स किया हुआ है। उसके पास अस्पताल चलाने के लिए न कोई मान्य डिग्री थी और न ही आवश्यक रजिस्ट्रेशन दस्तावेज मौके पर मिले।
छापेमारी के दौरान गांव निलोठी की एक महिला मरीज को सांस की बीमारी के चलते भर्ती पाया गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि अस्पताल में कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था और मरीजों का इलाज अनट्रेंड स्टाफ के भरोसे किया जा रहा था।
टीम को मौके पर पांच अन्य कर्मचारी भी मिले, जिनके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री या प्रशिक्षण नहीं था। इसके अलावा अस्पताल में एक लैब भी संचालित की जा रही थी, जहां विभिन्न जांचें की जा रही थीं। जांच में सामने आया कि लैब को दीपक नामक व्यक्ति चला रहा था, जो राठधाना निवासी सुनील के लाइसेंस का इस्तेमाल कर रहा था।
अस्पताल में बिना अनुमति दवाइयां भी रखी गई थीं और मरीजों से इलाज के दौरान फीस वसूली जा रही थी। बताया जा रहा है कि यह अस्पताल वर्ष 2021 से करीब 40 हजार रुपये मासिक किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहा था।
सीएम फ्लाइंग टीम ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है। शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही अस्पताल को सील करने और दवाइयों सहित अन्य सामान जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खरखौदा स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर धीरज ने कहा कि अनट्रेंड स्टाफ द्वारा इलाज करना बेहद खतरनाक है और इससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।



















