
वीना विग एडिटर की रिपोर्ट प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में चर्चित IAS अधिकारी आरती डोगरा से जुड़े मामले में आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने ACB की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
इस केस में वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर ने मजबूत पैरवी करते हुए कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा। डबल बेंच ने पहले दिए गए जस्टिस रवि चिरानिया के आदेश पर रोक लगाते हुए साफ संकेत दिया कि मामले की गहराई से समीक्षा जरूरी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है।
आरती डोगरा को प्रदेश के सबसे ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता रहा है। ऐसे में कोर्ट का यह फैसला न केवल उनके लिए राहत लेकर आया है, बल्कि उन तमाम अधिकारियों के लिए भी एक संदेश है जो सिस्टम में पारदर्शिता और ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
“सत्यमेव जयते” — यह कहावत एक बार फिर सटीक साबित होती दिख रही है। सच भले ही दबाने की कोशिश की जाए, लेकिन अंततः सामने आकर ही रहता है।
अब पूरे प्रदेश की नजरें 27 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आगे इस केस की दिशा क्या होगी।
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#गोपीबेनीवाल



















