
सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की कलम से कोटा। टेलिकॉम विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी रुबीना बानो ने सुपरवाइजरों पर मानसिक उत्पीड़न और भेदभाव का आरोप लगाया है। महिला ने मामले की लिखित शिकायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को की है।
अपनी शिकायत में रुबीना ने बताया कि गत वर्ष सितंबर से उसे स्थायी रूप से चौकीदारी ड्यूटी पर लगाया हुआ है। जबकि इससे पहले वह स्टोर में काम करती थी।
सुपरवाइजरों द्वारा मार्च से मेरे साथ लगातार मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। साथ ही उसे गैंग में भेजने, ड्यूटी से हटाने और अनुपस्थित लगाने की धमकियां भी दी जाती हैं।
12 घंटे की निरंतर चौकीदारी ड्यूटी के दौरान भोजन (लंच) करने तक की अनुमति नहीं दी जाती है। चौकीदार के साथ-साथ उससे स्टोर और कार्यालय का काम भी कराया जाता है।
शिकायत का नहीं असर
रुबीना ने बताया कि इसकी शिकायत उसने कई बार डीपो इंचार्ज से की है। लेकिन इसका कोई असर नजर नहीं आया।
रुबीना ने बताया कि सुपरवाइजर के उचित व्यवहार नहीं करने के कारण तनाव के चलते 16 अप्रैल को उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद वह रेलवे अस्पताल में भर्ती हो गई ।यहां उसका भी इलाज चल रहा है। उसे जांच के लिए सुधा अस्पताल भी भेजा गया।
पत्र में रुबीना ने अधिकारियों से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।



















