
अलाका ब्यूरो चीफ की कलम से क्या क्या नए तर्क दिए जा रहे हैं? यह मोहतरमा कह रही है कि इन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है इन्होंने अपने ज्योतिषी धर्म गुरु को संतुष्ट करना ही अपना धर्म समझा। ऐसी महिला को भाजपा की फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष बनाया। अध्यक्ष पद पर रहते हुए यह मोहतरमा महाराष्ट्र की महिलाओं को क्या ज्ञान देना चाह रही थी ? कि सभी महिलाओं को अपने गुरुओं को संतुष्ट कर धर्म निभाना चाहिए?
वैसे इसे मुस्लिम लड़कियों के हिजाब से सख्त नफरत है लेकिन अपने पति के अलावा दूसरे मर्द को संतुष्ट करना यह अपना धर्म समझती है। इस महिला के पति का कहना है कि इसने अपने पति को कभी सुख नहीं दिया और यह अलग कमरे मे सोती है। इस महिला को यह मालूम होना चाहिए कि समाज मे हर जरूरत के लिए अलग अलग नियम व रिश्ते बनाए हैं। अगर धार्मिक कर्मकांडो के लिए ज्योतिषी, पंडे पुजारी बनाए हैं तो यौनिक संतुष्टि के लिए पति पत्नी के रिश्ते भी बनाए हैं। ज्योतिष गुरु की यौनिक संतुष्टि के लिए उसकी पत्नी है, शिष्या नहीं। यह तो ज्योतिष की आड़ मे व्यभिचार है,अपने पति को धोखा देकर वेश्यावृत्ति है। कोई भी स्वाभिमानी महिला अपनी इज्जत आबरू की कीमत पर किसी भी धर्मगुरु के लिए समर्पित नहीं होगी। यह धर्म का पालन नहीं बल्कि दुष्चरित्र है। इस महिला के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।


















