
सुशील विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट सूरज खरायत, उत्तराखंड का एक मेहनती और साधारण परिवार से आने वाला लड़का था, जो हिसार में अपनी डिजिटल मार्केटिंग कंपनी चलाता था और करीब 35 लोगों को रोजगार देता था। वह अपने परिवार की सबसे बड़ी ताकत और उम्मीद था।
15 मार्च 2026 को सूरज अपने 6 साथियों के साथ हिसार से सालासर जा रहा था। सुबह करीब 11:15 बजे, सुजानगढ़ (जिला चूरू, राजस्थान) में NH-58 पर बालाजी धर्म कांटा के पास उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी का एक्सीडेंट एक पिकअप वाहन से हो गया। बताया जा रहा है कि पिकअप का ड्राइवर नशे में था और ओवरटेक करते समय लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए सीधे उनकी स्कॉर्पियो में टक्कर मार दी।
इस हादसे में सूरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाकी सभी 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं। एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया।
FIR (नं. 0031, थाना सुजानगढ़ सदर) दर्ज हो चुकी है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 125(a) और 106(1) लगाई गई हैं, और पिकअप वाहन का ड्राइवर मुख्य आरोपी है। इसके बावजूद न्याय मिलता नहीं दिख रहा।
परिवार बार-बार पुलिस से ड्राइवर की ब्लड रिपोर्ट मांग रहा है, लेकिन पुलिस सहयोग नहीं कर रही। उनसे कहा जा रहा है कि सभी 7 लोग एक साथ आएंगे तभी रिपोर्ट दी जाएगी, जबकि एक की मौत हो चुकी है और बाकी लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहे हैं।
सूरज के परिवार वाले लगातार पुलिस स्टेशन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा ही मिल रही है। एक तरफ उन्होंने अपना बेटा खो दिया, और दूसरी तरफ उन्हें सच और न्याय के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।



















