
…सुशील शंकर विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट
..इन दोनों की तो लग गई….कल कोर्ट ने इनकी पुलिस कस्टडी 2 दिन और बढ़ा दी…साथ ही इन्हें habitual offenders (आदतन अपराधी) भी बोला…..बात यहीं तक रहती तो भी ठीक था….लेकिन इसके आगे….अब इनका केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है….
….जब कोई मामला लोकल पुलिस से क्राइम ब्रांच को जाता है तो इसका सीधा मतलब है की…अब ये सिर्फ गेट फांदने और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने का मामला नहीं रहा….इनके FIR मे पहले से साजिश…पुलिस के काम मे बाधा डालने…और कोर्ट में साइन किए बॉन्ड के उल्लंघन का मामला है….अब क्राइम ब्रांच व्यापक तरीके से इसकी जांच करेगी…जिसमें….
* जंतर-मंतर पर हुए CJP के सारे प्रदर्शन की cctv फुटेज की जांच होगी.
* चैट…कॉल…सोशल मीडिया पोस्ट…मीडिया मे दिए बयान…सबकी जांच होगी
* प्रदर्शन की अनुमति और उल्लंघन की जांच होगी.
* मजिस्ट्रेट को दी गई धमकी की जांच होगी.
……..लगता नहीं की अब ये जल्दी बाहर आने वाले हैं…अगर 2 दिन बाद इन्हें जमानत नहीं मिली तो समझिए…लम्बे गए.



















