
संदीप सबरवल ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
*कितनी गज़ब की बात है कि कलतक नरेंद्र मोदी को कुर्सी से हटाने की बात देश की विपक्षी पार्टियों के साथ एक खास मजहब और कुछ खास जातियों के लोग करते थे…*
*लेकिन, अब देश का हिंदू , सवर्ण भी मोदी को हटाने की बात कर रहा है*
*असल में यहाँ किसी को देश से कोई मतलब नहीं है*
*किसी को धर्म से कोई मतलब नहीं है.*
*सिर्फ, सभी को अपना-अपना हित दिखाई दे रहा है इसीलिए लोगों को वही बात सुहाती है.*
*आप खुद ही देख लो न* *मोदी ने देश को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया, किसी को कोई मतलब नही.**
मोदी ने 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनवाया..🚩
किसी को कोई मतलब नहीं.
मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई…
किसी को कोई मतलब नहीं.
मोदी सरकार ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान देश को संभाला…
किसी को कोई मतलब नहीं.
मोदी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की…
किसी को कोई मतलब नहीं.
मोदी ने पाकिस्तान के सामने भारत की ताकत का एहसास कराया…
किसी को कोई मतलब नहीं.
मोदी सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर बढ़ने के अवसर दिए…
किसी को कोई मतलब नहीं.
गरीबों को पक्के मकान दिए…
किसी को कोई मतलब नहीं.
देश के हर वर्ग को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का काम किया…
किसी को कोई मतलब नहीं.
आतंकवादी घटनाओं पर लगाम लगी…
किसी को कोई मतलब नहीं.
देश तोड़ने की बातें करने वालों पर कार्रवाई हुई…
किसी को कोई मतलब नहीं.
हमारे सैनिकों की सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता मजबूत हुई…
किसी को कोई मतलब नहीं.
सीमाओं की सुरक्षा मजबूत हुई और घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई हुई…
किसी को कोई मतलब नहीं.
पड़ोसी देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों से जुड़े नागरिकता संबंधी मुद्दों पर भी सरकार ने नीतिगत कदम उठाए…
किसी को कोई मतलब नहीं.
*सच यही है कि हम हिन्दुओं का कुछ भी नहीं हो सकता*
क्योंकि, हमारा ये स्वभाव है कि भाजपा राज में किसी न किसी मुद्दे को लेकर फूफा बन जायेंगे फिर विपक्षी राज में दो कौड़ी के बन जाना मंजूर होगा.
*बाजपेई जी की सरकार भी तो इसी तरह के टुच्चे मुद्दों पर गिर ही गई थी न.*
खैर,
*जाको प्रभु दारुण दुःख देही*
*ताको मति पहले हर लेही.*
बाड़मेर हित मे, त्रिपल इंजन की शहर की सरकार बनाये। कल समय निकाल कर सपरिवार जरूर पधारे


















