
आरती ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट
“लालू जी! बचा लीजिए…आपको मेरे राखी के धागे की कसम! राजनीति की गाड़ी पटरी से उतर रही है!”
लालू यादव हंसते हुए, देसी अंदाज़):
“अरे दीदी! राखी के धागा से ज्यादा मजबूत त हाथ की हथकड़ी होला! धागा टूट जाता है, लेकिन हथकड़ी… ऊ त बड़ा वफादार चीज है!”
लालू आगे बोलते हैं:
“हम खुद एक पैर जेल के दरवाजा पर, दूसरा अस्पताल के चक्कर में टांग लटकाए के बैठे हैं… तोहरा के कैसे बचाएं?”
ममता (नाक पोंछते हुए):
“आप राजनीति के बड़े खिलाड़ी हैं… हंसा के, गुदगुदा के, डांट के… किसी तरह बचा लीजिए!”
लालू (शरारती मुस्कान):
“याद है? एक बार तुम रेल मंत्रालय मांग रही थी… अगर दे देते न… आज हम खुद ट्रेन पकड़ के भाग रहे होते!” आप भी कम नहीं है! लोग एक-दो बोरा चारा खाते हैं… आप तो पूरा गोदाम खा गए याद दिलवा देते हैं!”
लालू (हंसते हुए):
“अरे दीदी, राजनीति में पुराना हिसाब मत खोलो… यहां दोस्ती भी EMI पर चलती है!”
ममता: “तो बचाओगे?”
लालू: “पहिले खुद को बचा लें दीदी… चाय वाला बड़ा जिद्दी है वह अपने चाय का एक-एक पैसे का हिसाब रखता है अब उसको तो हिसाब देना ही पड़ेगा मैं दे रहा हूं तो तुम को भी देना ही पड़ेगा
आप बताइए ममता को एक-एक पी का हिसाब देना पड़ेगा कि नहीं कमेंट करके बताएं और भैया एक काम जरुर करिए मेरे वीडियो को फंक्शन लाइक सब्सक्राइब कर लें और शेयर करें ताकि मेरा हौसला आप लोगों से बढ़ता है आप सभी लोगों को मेरा पड़राम



















