April 19, 2026 9:32 pm

जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

सुशील विग एडिटर इन चीफ की रिपोर्ट जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

राजस्थान के बहुचर्चित ‘जल जीवन मिशन’ घोटाले में सोमवार को उस वक्त नया मोड़ आया, जब सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल ने अपनी चुप्पी तोड़ी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेशी के दौरान अग्रवाल ने सीधे तत्कालीन प्रशासनिक व्यवस्था और पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत पर निशाना साधकर मामले को पूरी तरह से व्यक्तिगत वार-पलटवार में तब्दील कर दिया है।

कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से मुखातिब होते हुए सुबोध अग्रवाल ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति और चुनिंदा जांच से प्रेरित हैं। अग्रवाल ने दावा किया

 

 

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जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

नगर परिषद में है, पोपा बाई का राज।* बाड़मेर आमजन,आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप बता सकते है कि जिस भूमि पर आपने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति जारी की है,क्या यह भूमि आपके स्वामित्व की भी हैं या नहीं ?

राजस्थान के करौली जिले के नादौती से एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा जयपुर सहित पूरे प्रदेश में हो रही है। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए SDM काजल मीणा, उनके रीडर और UDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एक दिन में अस्पताल की नौकरी छोड़ने वाली वायरल महिला डॉक्टर को लेकर अब देशभर में सवाल उठ रहे हैं और जयपुर सहित कई शहरों में लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह डॉक्टर कौन हैं। अपने उसूलों के चलते नौकरी छोड़ने का फैसला लेने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।

जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां भंडारी हॉस्पिटल पर लगे आरोपों ने अब नया मोड़ ले लिया है। नपुंसकता के इलाज के नाम पर पहले से विवादों में घिरे इस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

डॉ. सोमदेव (सोनदेव) बंसल, जो जयपुर के निविक अस्पताल (Nivik Hospital) के संचालक हैं, जिस पर गंभीर आरोप लगा है कि चिकित्सा के नाम पर मौत का खेल खेला है अधिकतर राजस्थान में निजी चिकित्सालय राजनेताओं के हैं राजस्थान में चिकित्सा व्यवस्था पर गहराया संकट ​