
*नगर परिषद में है, पोपा बाई का राज।*
रश्मी शर्मा ब्यूरो चीफ जोधपुर की कलम sayबाड़मेर आमजन,आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप बता सकते है कि जिस भूमि पर आपने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति जारी की है,क्या यह भूमि आपके स्वामित्व की भी हैं या नहीं ?
वर्तमान खातेदारी के अनुसार आज भी खसरा संख्या 3150/1585 का स्वामित्व राज्य सरकार के पास है ना कि नगर परिषद बाड़मेर के पास।
राज्य सरकार की उक्त भूमि पर समर्पण की,नामांतरण बदलने की,रूपांतरण करने की,विभाजन/ उपविभाजन की,स्वामित्व बदलने की आदि किसी भी तरह की कोई प्रक्रिया अपनाये बिना, जिस तरह से महेशानंद जी कुटिया की / खालसा भूमि को, परिषद बाड़मेर के अधिकारियों ने करोड़ों रुपये कि रिश्वत प्राप्त,अपने पद का दुरुप्रयोग कर, जिस तरह से योजना बना कर सरकार की बेशकीमती भूमि की अपने चहेतो में बांटा है। यह एक अपराधिक कृत्य है।
आयुक्त, को सर्वप्रथम उक्त स्थल पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को तुरन्त प्रभाव से बंद करवाते हुए,जारी अवैध परमिशन को खारिज करते हुए,अपने अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरुद्ध तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए।
आयुक्त,का ऐसा ना करना यह साबित करता है कि वो भी उक्त प्रकरण में पूर्णतया लिप्त है।
यह, बात तो सर्वत्र प्रचारित/ प्रसारित है कि नगर परिषद में पोपा बाई का राज है।जो यहां दस्तावेजों से साबित भी हो रहा है।
लेकिन मैं आपको बता दूं कि सब रजिस्ट्रार / तहसील कार्यालय में भी खुल्लम खुल्ला भ्रष्टाचार है। यह पूरा भ्रष्टाचार दलालों के मार्फत योजना बद्ध तरीके से होता है। तभी तो सरकारी भूमि की क्रय विक्रय रजिस्ट्री हो जाती है।
इसलिए हमें एक बार फिर रुख करना पड़ रहा है श्रीमती टीना डाबी, जिला कलेक्टर महोदय की ओर। तथा उक्त 100 करोड़ से भी अधिक कीमत की भूमि पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्यवाही हेतु।
उम्मीद है, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय,आज ही उक्त अवैध कॉमर्शियल निर्माण कार्य को तुरंत बंद करवा कर, श्रीमान ADM साहब से जांच करवाने के आदेश फरमाएंगे। *बाड़मेर केसरी* 👇 सरकारी जमाबंदी/ खातेदारी की प्रति।


















