April 20, 2026 2:16 am

रुपाली चाकणकर खरात मामले के पहला दिन मेरी बदनामी करने वालों को मैं कानूनी नोटिस भेजूंगी। जो लोग गलत खबरें फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी। मैं महिला हूँ, इसलिए मुझे सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है। वायरल हो रहे फोटो और वीडियो ५-६ साल पुराने हैं।

अर्चना ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट रुपाली चाकणकर खरात मामले के पहला दिन से ही मैंने अपनी स्थिति साफ कर दी थी। मैं उनके आर्थिक लेन-देन या किसी भी गलत काम से दूर-दूर तक जुड़ी नहीं हूँ। आज भी मेरी यही स्पष्ट और मजबूत स्थिति है।

तपास के दौरान सारी सच्चाई सामने आएगी। बिना किसी सबूत के मीडिया में मेरे खिलाफ जो झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, वे मुझे बहुत दुखी कर रहे हैं।

मैंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और डीजीपी को पहले ही बताया है कि खरात मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।

मेरी बदनामी करने वालों को मैं कानूनी नोटिस भेजूंगी। जो लोग गलत खबरें फैला रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी।

मैं महिला हूँ, इसलिए मुझे सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है। वायरल हो रहे फोटो और वीडियो ५-६ साल पुराने हैं। हमारे परिवार ने खरात दंपति को गुरु माना था। गुरु पूर्णिमा जैसी परंपरा में पैर धोना आदि श्रद्धा का हिस्सा था। भविष्य में कोई कैसे व्यवहार करेगा, यह पहले से कोई नहीं जान सकता। ¶

Leave a Comment

जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

नगर परिषद में है, पोपा बाई का राज।* बाड़मेर आमजन,आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप बता सकते है कि जिस भूमि पर आपने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति जारी की है,क्या यह भूमि आपके स्वामित्व की भी हैं या नहीं ?

राजस्थान के करौली जिले के नादौती से एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा जयपुर सहित पूरे प्रदेश में हो रही है। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए SDM काजल मीणा, उनके रीडर और UDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एक दिन में अस्पताल की नौकरी छोड़ने वाली वायरल महिला डॉक्टर को लेकर अब देशभर में सवाल उठ रहे हैं और जयपुर सहित कई शहरों में लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह डॉक्टर कौन हैं। अपने उसूलों के चलते नौकरी छोड़ने का फैसला लेने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।

जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां भंडारी हॉस्पिटल पर लगे आरोपों ने अब नया मोड़ ले लिया है। नपुंसकता के इलाज के नाम पर पहले से विवादों में घिरे इस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।