April 20, 2026 12:46 am

क्या क्या नए तर्क दिए जा रहे हैं? यह मोहतरमा कह रही है कि इन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है इन्होंने अपने ज्योतिषी धर्म गुरु को संतुष्ट करना ही अपना धर्म समझा।

अलाका ब्यूरो चीफ की कलम से क्या क्या नए तर्क दिए जा रहे हैं? यह मोहतरमा कह रही है कि इन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है इन्होंने अपने ज्योतिषी धर्म गुरु को संतुष्ट करना ही अपना धर्म समझा। ऐसी महिला को भाजपा की फडणवीस सरकार ने महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष बनाया। अध्यक्ष पद पर रहते हुए यह मोहतरमा महाराष्ट्र की महिलाओं को क्या ज्ञान देना चाह रही थी ? कि सभी महिलाओं को अपने गुरुओं को संतुष्ट कर धर्म निभाना चाहिए?

वैसे इसे मुस्लिम लड़कियों के हिजाब से सख्त नफरत है लेकिन अपने पति के अलावा दूसरे मर्द को संतुष्ट करना यह अपना धर्म समझती है। इस महिला के पति का कहना है कि इसने अपने पति को कभी सुख नहीं दिया और यह अलग कमरे मे सोती है। इस महिला को यह मालूम होना चाहिए कि समाज मे हर जरूरत के लिए अलग अलग नियम व रिश्ते बनाए हैं। अगर धार्मिक कर्मकांडो के लिए ज्योतिषी, पंडे पुजारी बनाए हैं तो यौनिक संतुष्टि के लिए पति पत्नी के रिश्ते भी बनाए हैं। ज्योतिष गुरु की यौनिक संतुष्टि के लिए उसकी पत्नी है, शिष्या नहीं। यह तो ज्योतिष की आड़ मे व्यभिचार है,अपने पति को धोखा देकर वेश्यावृत्ति है। कोई भी स्वाभिमानी महिला अपनी इज्जत आबरू की कीमत पर किसी भी धर्मगुरु के लिए समर्पित नहीं होगी। यह धर्म का पालन नहीं बल्कि दुष्चरित्र है। इस महिला के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।

Leave a Comment

जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल ने जल जीवन मिशन घोटाले में नया मोड़ ला दिया। उन्होंने पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत का नाम लेते हुए कहा कि फाइनेंस कमेटी के 37 में से 33 मामले सुधांश पंत के कार्यकाल के हैं।

नगर परिषद में है, पोपा बाई का राज।* बाड़मेर आमजन,आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर से यह जानना चाहता हूं कि क्या आप बता सकते है कि जिस भूमि पर आपने आवासीय भवन निर्माण स्वीकृति जारी की है,क्या यह भूमि आपके स्वामित्व की भी हैं या नहीं ?

राजस्थान के करौली जिले के नादौती से एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा जयपुर सहित पूरे प्रदेश में हो रही है। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए SDM काजल मीणा, उनके रीडर और UDC को 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एक दिन में अस्पताल की नौकरी छोड़ने वाली वायरल महिला डॉक्टर को लेकर अब देशभर में सवाल उठ रहे हैं और जयपुर सहित कई शहरों में लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर यह डॉक्टर कौन हैं। अपने उसूलों के चलते नौकरी छोड़ने का फैसला लेने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।

जयपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक मामला चर्चा में है, जहां भंडारी हॉस्पिटल पर लगे आरोपों ने अब नया मोड़ ले लिया है। नपुंसकता के इलाज के नाम पर पहले से विवादों में घिरे इस अस्पताल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।