
सुशील एडिटर इन चीफ की रिपोर्टजयपुर से आज मैं एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहता/चाहती हूँ — पत्रकारों की सुरक्षा।
पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होते हैं। वे सच्चाई को सामने लाते हैं, जनता की आवाज़ बनते हैं और सत्ता से सवाल पूछते हैं। लेकिन आज वही पत्रकार खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।#
कई मामलों में पत्रकारों पर हमले होते हैं, उन्हें धमकियां दी जाती हैं, और कभी-कभी उनकी जान तक चली जाती है। यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र पर हमला है।
इसलिए यह बेहद जरूरी है कि सरकार “पत्रकार सुरक्षा कानून बिल” को जल्द से जल्द पास करे, ताकि पत्रकार बिना डर के अपना काम कर सकें।
एक मजबूत कानून न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी मजबूती देगा।
आइए, हम सभी मिलकर इस मांग का समर्थन करें और पत्रकारों को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में कदम बढ़ाएं।


















