
*जीवन में सब कुछ एक निवेश की तरह ही होता है। प्रेम, समय, साथ, खुशी, सम्मान और अपमान, जितना – जितना हम दूसरों को देते जायेंगे, समय आने पर एक दिन वह ब्याज सहित हमें अवश्य वापस मिलने वालाहै*
*एक बार आत्मनिरीक्षण अवश्य कर लेना कि क्या किसी के दुख में मैं कभी सहभागी बन पाया था..?*
*श्रीमदभागवत जी की कथा में हम लोग गाते हैं कि देवी द्रौपदी ने वासुदेव श्रीकृष्ण को एक बार एक छोटे से चीर का दान किया था और समय आने व आवश्यकता पड़ने पर विधि द्वारा वही चीर देवी द्रौपदी को साड़ियों के भंडार के रूप में लौटाया गया।*
*अच्छा – बुरा, मान – अपमान, समय – साथ, और सुख – दुख जो कुछ भी आपके द्वारा बाँटा जायेगा, देर से सही मगर एक दिन आपको दोगुना होकर मिलेगा जरूर, ये तय है।*
*जीवन में किसी के प्रति की गई भलाई व्यर्थ नहीं जाती!*
*वह कब किस रूप में आपके पास लौट कर आयेगी ये सिर्फ ईश्वर ही जानते हैं!!*
*आप जिस पर ध्यान देना छोड़ देते हैं , उसका नष्ट होना स्वाभाविक है, फिर चाहे वो स्वास्थ्य हो, धन हो या कोई रिश्ता


















