
अनीता ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट….लोनी,गाजियाबाद से हमने पर राइड बुक की। ड्राइवर से फोन पर बात हुई, लेकिन उसने आने में ज्यादा समय बताया तो हमने राइड कैंसिल कर दी। इसके बाद हमने से गाड़ी बुक कर ली।
थोड़ी देर बाद एक वेगनआर आकर रुकी। हमने अपना बुकिंग नाम बताया, उसने कंफर्म किया और हमें बैठने को कहा। हम बैठ गए। जब ओटीपी बताने लगे तो उसने कहा कि नेटवर्क नहीं है, डिटेल शो नहीं हो रहा। फिर पूछा – “कहाँ जाना है?” और “ऐप में कितने पैसे दिखा रहा था?”
यहीं से शक शुरू हुआ।
मैंने ड्राइवर का नाम पूछा – नहीं बताया।
दो बार गाड़ी का नंबर पूछा – नहीं बताया।
तब हम नीचे उतरे और गाड़ी का नंबर चेक किया — वो हमारी बुक की हुई गाड़ी नहीं थी!
तभी हमारी असली बुक की हुई गाड़ी लोकेशन पर पहुंच गई और हम उसमें बैठ गए। लेकिन मामला यहीं खत्”म नहीं हुआ। पहली गाड़ी वाला हमारा पीछा करते हुए आया, बदतमीजी की, झूठ बोला और यहां तक कि मा”रपी”ट की ध*मकी भी दे डाली।
सोचिए — गलती उसकी, और द”बंगई भी वही दिखा रहा था!
हम उस समय सलीम वास्तिक पर हुए जा@नलेवा ह”मले की ग्राउंड रिपोर्टिंग करके लौट रहे थे। अगर हम सतर्क न होते तो क्या हो सकता था, सोचकर ही डर लगता है।
दोस्तों, हमेशा: ✔️ गाड़ी का नंबर मैच करें
✔️ ड्राइवर का नाम कंफर्म करें
✔️ ओटीपी बिना ऐप कंफर्मेशन के न बताएं
✔️ शक होने पर तुरंत गाड़ी से उतर जाएं
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।


















