
सुनीता ब्यूरो चीफ क्राइम बाड़मेर शहर के बीचों बीच करोड़ो रूपये की सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण पर बाड़मेर केसरी के खुलासे पर संपादक-हरीश चांडक को जान से मारने की धमकियां दिलाई जा रही है।*
बाड़मेर में पनपता जा रहा है माफिया राज।
गुंडों, मवालियों और तस्करों पर तो कर रही है, पुलिस कार्यवाही।
सफेद नकाब पॉश, हावी है प्रशासन पर।
मैने जैसे ही महेशानंद की कुटिया, पेट्रोल पंप के सामने, सुभाष चौक,बाड़मेर की बेशकीमती भूमि ( करीब 100 करोड़ रु ) की सच्चाई को उजागर किया तो माफियों से धमकियां मिलना शुरू हो गई।
नगर, बाड़मेर के अवैध अतिक्रमण पर भी तब तक कार्यवाही नहीं होती है जब तक इनको जिला प्रशासन से फटकार नहीं मिलती।
हमारा काम है, जनता की समस्याओं को संबंधित विभाग के सामने रखना, प्रतिष्ठित और आम व्यक्ति के ज्ञापन को मीडिया के जरिए जनता के सामने रखना।
मुझे ऐसा लगता हैं कि नगर परिषद बाड़मेर के अधिकारी एवं कर्मचारी गण नियमानुसार कार्यवाही करने की बजाय, अवैध अतिक्रमियों से भारी रिश्वत प्राप्त कर उन्हें संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।
परिणामस्वरूप हमें धमकियां दिला कर, आगे से शिकायत/ न्यूज नहीं छापने पर मजबूर किया जा रहा हैं।
अत: श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय और श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय से निवेदन है कि आप इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर वैधानिक कार्यवाही करने का श्रम करे।


















