
किसी नें सही कहा है ये दुनियां इंसान की एक गलती का इन्तजार करती है ऐसा ही हुआ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह के साथ एक सिपाही नें कोतवाल का ऑडियो वायरल किया ऑडियो तों वायरल हो गया लेकिन ऑडियो मे आखिरकार कोतवाल साहब को क्यों अभद्र भाषा का प्रयोग करना पड़ा हो सकता है सिपाही नें ड्यूटी मे लापरवाही की हो हो सकता है सिपाही दारु पीकर ड्यूटी करता हो हो सकता है सिपाही अवैध वसूली करता हो और अगर कोतवाल नें अभद्र भाषा का प्रयोग किया तों सिपाही को sp या co को ऑडियो भेजनी चाहिए थी लेकिन सिपाही नें मीडिया मे ऑडियो वायरल की क्या सभी पत्रकारों के पास ऑडियो आयी नहीं न क्या कभी किसी की शिकायत पर कोतवाल नें FIR न दर्ज की हो क्या कभी किसी फरियादी को कोतवाल नें कोतवाली से भगाया हो नहीं न जहाँ तक हमें याद है अश्वनी कुमार सिंह वही कोतवाल है जिन्होंने जीरो FIR पर काशीराम कालोनी से किसी को रेप मामले मे गिरफ्तार करवाया और पीड़ित लड़की को न्याय दिया था ये वो लड़की थी जिसका इस शहर मे कोई नहीं था न माँ न बाप और न अपना घर फिलहाल इस मामले की जाँच सी ओ सिटी को सौपी गयी है जाँच मे साजिश का पर्दाफास होगा


















