
सच्चे प्यार की अनकही कहानी तब सामने आती है जब जीवन की सबसे काली रात में हाथ थामने वाला न छोड़ जाए। पुणे के रहने वाले अमित और उनकी पत्नी श्रेष्ठा ने कैंसर की जंग में ऐसा ही प्रेम का एपिक दिखाया। श्रेष्ठा के कीमोथेरेपी से बाल झड़ने लगे तो अमित ने सिर्फ सहानुभूति नहीं दिखाई, बल्कि अपने लंबे बाल खुद कटवा लिए। सोशल मीडिया पर वायरल इस पल में अमित ने कहा, “पत्नी की कैंसर की जंग में उनके साथ रहूँगा—हर सांस में, हर दर्द में।”
बीमारी का आगमन और पति का संकल्प
श्रेष्ठा को तीन महीने पहले सर्वाइकल कैंसर का पता चला। कोल्हापुर के एक कैंसर सेंटर में इलाज शुरू हुआ, लेकिन कीमो के पहले ही दौर में उनके काले घने बाल सफेद चादर की तरह झड़ गए। आईने के सामने टूट चुकी श्रेष्ठा को देख अमित का दिल पिघल गया। बिना सोचे-समझे उन्होंने लोकप्रिय सैलून पहुंचकर सिर मुंडवा लिया। दोनों के गंजे सिरों वाली सेल्फी इंस्टाग्राम पर डालते हुए अमित ने लिखा, “बाल तो उग आएंगे, लेकिन प्यार का साथ अमर है। श्रेष्ठा, हम योद्धा हैं—साथ मिलकर लड़ेंगे!” यह पोस्ट 24 घंटों में 3 लाख व्यूज पार कर गई।
सोशल मीडिया पर प्रेरणा का तूफान
कमेंट्स की बाढ़ आ गई—”सच्चा पति!”, “#BaldForLove”, “कैंसर हारेगा, प्यार जीतेगा!”। श्रेष्ठा ने बताया, “अमित का यह कदम मेरी हिम्मत दोगुना कर गया। अब मैं अकेली नहीं लगती।” अमित, एक स्कूल टीचर, ने नौकरी के साथ-साथ घर संभाला, हर चेकअप में हाथ थामा। डॉक्टरों ने सराहा कि इमोशनल सपोर्ट रिकवरी को 40% बूस्ट देता है। इस जोड़े ने CancerTogether कैंपेन शुरू किया, जिससे सैकड़ों मरीजों को हौसला मिला।
जंग का सबक और उम्मीद की किरण
कैंसर सिर्फ शरीर का नहीं, मन का भी हमला है। अमित का त्याग श्रेष्ठा को ताकत दे रहा—वे अब दूसरे चक्र में हैं, रिपोर्ट्स बेहतर आ रही। कैंसर सपोर्ट ग्रुप्स में उनकी स्टोरी वायरल है। अमित कहते हैं, “शादी का मतलब है दुख-सुख का बंटवारा। बाल क्या, सब कुछ कुर्बान कर दूंगा।” परिवार और दोस्तों का साथ भी जबरदस्त।
अमित-श्रेष्ठा की गाथा सिखाती है कि प्यार बीमारी पर विजयी होता है। समाज को ऐसे रोल मॉडल्स की दरकार है, जो संकट में खरे उतरें। कैंसर जंग में अकेलापन सबसे घातक—हौसला अफजल रखें। श्रेष्ठा जल्द ठीक हों, यही प्रार्थना। सच्चा साथ हर घर में हो!


















